कोरोना वायरस का कहर अभी खत्म भी नहीं हुआ है कि देश में एक नई आफत आ गई है। इस आफत का नाम 'बर्ड फ्लू' है। ऐसा नहीं है कि यह कोई नई बीमारी है, बल्कि इसके मामले भारत में अक्सर आते रहते हैं, लेकिन इस कोरोना काल में, जब लोग पहले से ही परेशान हैं, बर्ड फ्लू ने इस परेशानी को और भी बढ़ा दिया है। हिमाचल प्रदेश से लेकर राजस्थान, केरल और कुछ अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में बर्ड फ्लू के कारण पक्षियों की मौत हुई है। मध्यप्रदेश के इंदौर में अगार- मालवा और मंदसौर जिलों में मृत कौवों में एच5एन8 (H5N8) वायरस पाया गया है। केंद्र सरकार ने इसको लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के लिए तत्काल हर संभव कदम उठाने को कहा है। केंद्र ने चेतावनी दी है कि यह फ्लू इंसानों और अन्य पालतू पशु पक्षियों में फैल सकता है। शायद आपको पता न हो, लेकिन यह बीमारी इंसानों से इंसानों में भी फैल सकती है।
Bird Flu: इंसानों से इंसानों में भी फैलता है बर्ड फ्लू, संक्रमित होने वाले 60 फीसदी लोगों की हो चुकी है मौत
बर्ड फ्लू से संक्रमित पहला इंसान साल 1997 में मिला था, जबकि इंसानों से इंसानों को बर्ड फ्लू होने का पहला मामला साल 2003 में चीन में सामने आया था। उससे पहले इंसानों के एक दूसरे के संपर्क में आने से एच7एन9 (H7N9) वायरस के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले थे। सिर्फ पक्षियों के साथ सीधे संपर्क में आने से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का खतरा होता था।
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हालांकि शोधकर्ताओं का यह भी कहना था कि इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि वायरस ने इंसानों से इंसानों के बीच फैलने की क्षमता विकसित कर ली है। साल 2003 में पाया गया संक्रमण का मामला 'संभावित संक्रमण' का पहला मामला था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के डॉ. जेम्स रज ने कहा था, 'इंसानों के बीच वायरस का संक्रमण हैरान करने वाली बात नहीं है। बर्ड फ्लू वायरस एच5एन1 (H5N1) में भी इंसानों के एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलने के मामले पहले भी आ चुके हैं।' हालांकि यह इंसानों में आसानी से नहीं फैलता है।
कोरोना की तरह बर्ड फ्लू वायरस भी करता है म्यूटेट
विशेषज्ञों के मुताबिक, बर्ड फ्लू वायरस भी म्यूटेट करता है। भारत में पॉल्ट्री में मिलने वाला बर्ड फ्लू एच5एन1 (H5N1) वायरस है, जबकि कौवों में इसका म्यूटेट किया हुआ रूप एच5एन8 (H5N8) पाया गया है।
इंसानों के लिए भी जानलेवा है बर्ड फ्लू वायरस
बर्ड फ्लू वायरस पक्षियों और मुर्गियों के लिए तो जानलेवा होता ही है, साथ ही यह इंसानों के लिए भी जानलेवा है। इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तब से लेकर अब तक इससे संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कोरोना की तरह इस वायरस से भी लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।