स्वस्थ रहने के लिए अच्छी नींद लेना सबसे आवश्यक माना जाता है। अगर रात के समय में आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है तो यह समस्या कई तरह से आपके सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो अच्छी नींद लेने के साथ सही तरीके से सोना भी अच्छी सेहत के लिए बेहद आवश्यक होता है। हम रात में जिस तरह से सोते हैं उसका शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। कुछ लोग पेट के बल सोना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग पीठ के बल, हर स्थिति में सोने के तरीके का सेहत पर असर पड़ता है।
जरूरी बात: अच्छी सेहत के लिए इस तरह से सोना है सबसे फायदेमंद, डाल लीजिए आदत
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सभी के लिए जरूरी है नींद पूरी करना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो रात के समय नींद पूरी करना सभी के लिए बेहद आवश्यक है। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के नींद का पैटर्न काफी प्रभावित हुआ है, जिसके कारण लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर कहते हैं, वयस्कों को रोजाना 6-8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इसके अलावा सोने की सही स्थिति को सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। आइए जानते हैं कि सोने के लिए सबसे अच्छा पोजिशन कौन है?
पीठ की तरफ से सोने के फायदे
पीठ की तरफ से सोना सबसे आम पोजिशन होता है। डॉक्टर कहते हैं, नींद की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए इस तरीके से सोना सबसे फायदेमंद हो सकता है। पीठ के बल सोने को सुपाइन स्लीपिंग के रूप में भी जाना जाता है, इसके स्वास्थ्य को कई लाभ हो सकते हैं। पीठ के बल सोने से रीढ़ की हड्डी संरेखित रहती है साथ ही मांसपेशियों में तनाव कम होता है। इसके अलावा पीठ के बल सोने से छाती पर दबाव कम होता है जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहती है।
पीठ के बल सोने के अन्य फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पीठ के बल सोने से एसिड रिफ्लक्स को कम किया जा सकता है। भोजन के बेहतर पाचन को बढ़ावा देने के लिए पीठ के बल सोने के लाभ हो सकते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि पीठ के बल सोने से चेहरे पर झुर्रियों की समस्या भी कम हो सकती है। पीठ के बल सोने से आंखों के नीचे पानी या रक्त जमा होने की समस्या से भी बचा जा सकता है।
पेट के बल सोना
पीठ के अलावा पेट के बल सोने को भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई तरह से फायदेमंद मानते हैं। पेट के बल सोने से खर्राटों की समस्या पर काबू पाया जा सकता है। इसके अलावा इस तरह से सोने से स्लीप एपनिया में भी फायदा मिल सकता है। सोते समय शारीरिक सहजता बहुत आवश्यक है। पेट के बल सोने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर बना रहता है।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला के हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।