सर्दी-जुकाम होना बहुत सामान्य है। ज्यादातर मामलों में यह कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाता है। लेकिन अगर नाक बंद रहने, सिरदर्द, बलगम या चेहरे में भारीपन जैसी दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहें, तो इसे सिर्फ सामान्य जुकाम समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार ये साइनस संक्रमण यानी साइनोसाइटिस का संकेत हो सकता हैं।
सेहत की बात: साइनस को मामूली जुकाम समझना पड़ सकता है भारी, जानिए किन लोगों को ज्यादा खतरा
सर्दी-जुकाम आम समस्या है, लेकिन लंबे समय तक नाक बंद रहना, गाढ़ा बलगम, सिरदर्द और सूंघने की क्षमता कम होना साइनस संक्रमण का संकेत हो सकता है। एलर्जी, प्रदूषण और नाक की संरचनात्मक समस्याएं इसका जोखिम बढ़ा सकती हैं।
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आखिर साइनस संक्रमण क्यों होता है?
साइनस के अंदर एक पतली परत होती है, जो सामान्य रूप से बलगम बनाती है। यह बलगम छोटे रास्तों से नाक में निकलता रहता है। लेकिन जब सर्दी-जुकाम, एलर्जी या किसी दूसरे कारण से इन रास्तों में सूजन आ जाती है, तो बलगम अंदर फंस सकता है। इससे साइनस में संक्रमण के लिए अनुकूल स्थिति बन जाती है।
- अधिकतर मामलों में वायरस इसकी वजह होते हैं। हालांकि कुछ लोगों में बैक्टीरियल संक्रमण भी हो सकता है।
- इसके अलावा नाक के अंदर की बनावट में समस्या, जैसे नाक की हड्डी का टेढ़ापन भी साइनस की परेशानी को बढ़ा सकता है।
साइनस होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं?
साइनस संक्रमण का असर सबसे पहले नाक, सिर और चेहरे के आसपास महसूस हो सकता है। लगातार नाक बंद रहना या उससे गाढ़ा स्राव निकलना आम लक्षण माना जाता है। कई लोगों को बार-बार छींक आती है और नाक के आसपास सूजन या भारीपन महसूस हो सकता है।
- इसके अलावा बलगम आना, सिरदर्द, चेहरे में दबाव या दर्द, सूंघने की क्षमता कम होना और कभी-कभी स्वाद में बदलाव भी देखा जा सकता है।
- कुछ लोगों को सूखी खांसी और लगातार थकान की शिकायत भी रहती है।
- अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बढ़ते जाएं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
साइनस की दिक्कत क्यों बढ़ती है?
जिन लोगों को बार-बार सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने की समस्या रहती है, उनमें साइनस की परेशानी का खतरा बढ़ सकता है। अगर नाक के रास्ते किसी कारण से लगातार संकरे या बंद रहते हैं, तो भी खतरा हो सकता है।
हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण के बारीक कण नाक और सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे सूजन बढ़ सकती है और नाक बंद रहने जैसी समस्या परेशान कर सकती है। जिन लोगों को धूल, फफूंद या किसी खास चीज से एलर्जी है, उनमें साइनस की दिक्कत बार-बार हो सकती है।
साइनस से बचने के लिए क्या करें?
साइनस की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और धूल-धुएं, फफूंद तथा उन चीजों से बचना जरूरी है, जिनसे आपको एलर्जी होती है।
नाक बंद होने पर कुछ लोगों को गर्म भाप से अस्थायी राहत मिल सकती है, हालांकि बहुत गर्म भाप से जलने का खतरा रहता है। घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय लंबे समय तक बने लक्षणों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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