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वन हेल्थ अप्रोच क्या है? इंसान, जानवर और पर्यावरण को जोड़कर ऐसे रोकी जाती हैं बीमारियां
Tue, 01 Sep 2026 09:57 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:57 AM IST
सार
What Is One Health Approach : इस लेख में जानेंगे कि One Health Approach क्या है, जानवरों से इंसानों में बीमारियां कैसे फैलती हैं और मानव, पशु व पर्यावरण के स्वास्थ्य को साथ लेकर इनका बचाव कैसे किया जा सकता है।
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वन हेल्थ अप्रोच क्या है?
- फोटो : AI
One Health Approach: आज के समय में इंसानों की सेहत सिर्फ हमारे खान-पान और जीवनशैली पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध जानवरों और पर्यावरण से भी है। कई ऐसी संक्रामक बीमारियां हैं, जो जानवरों से इंसानों में फैल सकती हैं। इन्हें जूनोटिक डिजीज कहा जाता है।
वन हेल्थ अप्रोच क्या है?
- फोटो : AI
One Health Approach क्या है?
One Health Approach एक स्वास्थ्य अवधारणा है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को आपस में जुड़ा माना जाता है। इसका उद्देश्य इन तीनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाकर बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी खतरों से निपटना है।
साफ शब्दों में समझें तो किसी जानवर में सामने आने वाला संक्रमण अगर इंसानों तक पहुंचता है, तो केवल मरीज का इलाज करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। संक्रमण के स्रोत, जानवरों के स्वास्थ्य और आसपास के पर्यावरण की भी निगरानी करनी पड़ सकती है।
One Health Approach एक स्वास्थ्य अवधारणा है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को आपस में जुड़ा माना जाता है। इसका उद्देश्य इन तीनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाकर बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी खतरों से निपटना है।
साफ शब्दों में समझें तो किसी जानवर में सामने आने वाला संक्रमण अगर इंसानों तक पहुंचता है, तो केवल मरीज का इलाज करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। संक्रमण के स्रोत, जानवरों के स्वास्थ्य और आसपास के पर्यावरण की भी निगरानी करनी पड़ सकती है।
वन हेल्थ अप्रोच क्या है?
- फोटो : AI
जानवरों से इंसानों में कैसे फैलती हैं बीमारियां?
जानवरों से इंसानों में संक्रमण कई तरीकों से पहुंच सकता है। संक्रमित जानवर के सीधे संपर्क, उसके शरीर के द्रव, काटने या खरोंचने, दूषित भोजन-पानी और कुछ मामलों में मच्छर या अन्य वाहक जीवों के माध्यम से भी संक्रमण फैल सकता है।
रेबीज, एवियन इन्फ्लुएंजा, निपाह और कुछ अन्य संक्रमण जूनोटिक बीमारियों के उदाहरण हैं। हालांकि, हर बीमारी का संक्रमण फैलने का तरीका अलग होता है।
जानवरों से इंसानों में संक्रमण कई तरीकों से पहुंच सकता है। संक्रमित जानवर के सीधे संपर्क, उसके शरीर के द्रव, काटने या खरोंचने, दूषित भोजन-पानी और कुछ मामलों में मच्छर या अन्य वाहक जीवों के माध्यम से भी संक्रमण फैल सकता है।
रेबीज, एवियन इन्फ्लुएंजा, निपाह और कुछ अन्य संक्रमण जूनोटिक बीमारियों के उदाहरण हैं। हालांकि, हर बीमारी का संक्रमण फैलने का तरीका अलग होता है।
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वन हेल्थ अप्रोच क्या है?
- फोटो : AI
One Health Approach से कैसे रोकी जा सकती हैं बीमारियां?
1. जानवरों की नियमित निगरानी
पालतू और पशुधन समेत अन्य जानवरों में असामान्य बीमारी या संक्रमण की निगरानी जरूरी है। पशुओं में किसी नए संक्रमण की जल्द पहचान होने पर इंसानों तक उसके पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकते हैं।
2. इंसानों और जानवरों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों में सहयोग
डॉक्टरों और पशु चिकित्सकों के बीच बेहतर जानकारी साझा करना महत्वपूर्ण है। किसी क्षेत्र में जानवरों में संक्रमण बढ़ने की जानकारी मिलने पर मानव स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो सकता है।
3. स्वच्छता और सुरक्षित भोजन
कच्चे या अधपके मांस, अंडे और अन्य पशु उत्पादों को सही तरीके से संभालना जरूरी है। हाथों की सफाई, साफ पानी और खाद्य पदार्थों की उचित स्वच्छता संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।
4. पर्यावरण की सुरक्षा
जंगलों की कटाई, अनियोजित शहरीकरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बदलाव इंसानों और वन्यजीवों के संपर्क को प्रभावित कर सकते हैं। पर्यावरण की निगरानी और वन्यजीवों के आवास का संरक्षण भी One Health Approach का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
1. जानवरों की नियमित निगरानी
पालतू और पशुधन समेत अन्य जानवरों में असामान्य बीमारी या संक्रमण की निगरानी जरूरी है। पशुओं में किसी नए संक्रमण की जल्द पहचान होने पर इंसानों तक उसके पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकते हैं।
2. इंसानों और जानवरों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों में सहयोग
डॉक्टरों और पशु चिकित्सकों के बीच बेहतर जानकारी साझा करना महत्वपूर्ण है। किसी क्षेत्र में जानवरों में संक्रमण बढ़ने की जानकारी मिलने पर मानव स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो सकता है।
3. स्वच्छता और सुरक्षित भोजन
कच्चे या अधपके मांस, अंडे और अन्य पशु उत्पादों को सही तरीके से संभालना जरूरी है। हाथों की सफाई, साफ पानी और खाद्य पदार्थों की उचित स्वच्छता संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।
4. पर्यावरण की सुरक्षा
जंगलों की कटाई, अनियोजित शहरीकरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बदलाव इंसानों और वन्यजीवों के संपर्क को प्रभावित कर सकते हैं। पर्यावरण की निगरानी और वन्यजीवों के आवास का संरक्षण भी One Health Approach का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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वन हेल्थ अप्रोच क्या है?
- फोटो : AI
One Health क्यों है जरूरी?
आज इंसान, जानवर और पर्यावरण पहले से कहीं अधिक करीब से जुड़े हुए हैं। इसलिए किसी नए संक्रमण या महामारी के खतरे से निपटने के लिए अलग-अलग विभागों में काम करने के बजाय मिलकर काम करने की जरूरत है। One Health Approach इसी सहयोग को बढ़ावा देता है और संभावित स्वास्थ्य संकटों की पहले से पहचान और रोकथाम में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
आज इंसान, जानवर और पर्यावरण पहले से कहीं अधिक करीब से जुड़े हुए हैं। इसलिए किसी नए संक्रमण या महामारी के खतरे से निपटने के लिए अलग-अलग विभागों में काम करने के बजाय मिलकर काम करने की जरूरत है। One Health Approach इसी सहयोग को बढ़ावा देता है और संभावित स्वास्थ्य संकटों की पहले से पहचान और रोकथाम में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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