मोटापे की स्थिति को स्वास्थ्य विशेषज्ञ दुनियाभर में तेजी से बढ़ती क्रॉनिक बीमारियों का प्रमुख कारण मानते हैं। मोटापा सिर्फ शरीर के लुक को ही खराब नहीं करता है बल्कि इसके कारण मेटाबॉलिज्म से लेकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर तक का खतरा हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा वैसे तो हर उम्र के व्यक्ति के लिए खतरनाक है, पर बच्चों में बढ़ती इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे ज्यादा चिंता जता रहे हैं।
सेहत को खतरा: बच्चों की ये आदत मोटापे का सबसे बड़ा कारण, सभी माता-पिता को डॉक्टर ने चेताया
बच्चों में बढ़ता मोटापा सिर्फ ज्यादा खाने का नतीजा नहीं है। लंबे समय तक मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम देखने से शारीरिक गतिविधि घट सकती है, स्क्रीन देखते हुए स्नैकिंग बढ़ जाती है और नींद प्रभावित हो सकती है।
बच्चों में मोटापे की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर मोबाइल चलाते रहने की आदत बच्चे की नींद, खाने की आदत, शारीरिक गतिविधि और वजन सभी को प्रभावित कर सकती है। सबसे बड़ी चिंता लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठे रहने की आदत को लेकर है। टीवी-मोबाइल या कंप्यूटर देखते समय बच्चों को लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना पड़ता है।
- अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की साल 2026 की नीति में भी बताया गया है कि डिजिटल स्ट्रीन के अधिक इस्तेमाल बच्चों में सेडेंटरी लाइफस्टाइल, ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाने को बढ़ा सकता है। ये सभी लंबे समय में सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
बच्चों का ज्यादा मोबाइल चलाना नुकसानदायक
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि विशेषज्ञ बच्चे को फोन देने को तो नुकसानदायक मानते ही हैं, साथ ही कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के सामने माता-पिता का फोन चलाना और खतरनाक हो सकता है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों में स्क्रीन टाइम बढ़ने का असर केवल आंखों या ध्यान तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक टीवी, मोबाइल, टैबलेट या वीडियो गेम में व्यस्त रहने पर बच्चा एक जगह बैठा रहता है।
- इससे वह खेलने या दूसरी शारीरिक गतिविधियों के लिए समय नहीं निकाल पाता। शारीरिक गतिविधि कम होने से मोटापे का खतरा और भी बढ़ जाता है।
स्क्रीन देखते हुए खाने की आदत नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोबाइल चलाते हुए कुछ खाते रहने की आदत सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है। इससे आप जाने-अनजाने अधिक कैलोरी लेने लगते हैं। इसके अलावा मोबाइल पर वीडियो चला देना कई परिवारों में बच्चे को खाना खिलाने का आसान तरीका बन गया है। लेकिन यह आदत खाने के व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।
- अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार स्क्रीन देखते समय बच्चों में अनहेल्दी खाने और हाई कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है। जो मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।
रात में मोबाइल चलाने से नींद पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रात के समय स्क्रीन का इस्तेमाल और भी नुकसानदायक हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार डिजिटल स्क्रीन नींद की अवधि, नींद आने के समय और नींद की गुणवत्ता तीनों को प्रभावित कर सकती है। बच्चों में नींद की कमी और मोटापे के खतरे को और भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
बच्चे का वजन कंट्रोल करने के लिए केवल खाना कम करना पर्याप्त नहीं है। स्क्रीन टाइम, सोने का समय और शारीरिक गतिविधि तीनों पर ध्यान देना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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