उम्र के साथ चीजों को याद न रख पाने की समस्या, बातचीत करने में कठिनाई और समस्याओं को सुलझाने में होने वाली दिक्कतों को अल्जाइमर रोग का संकेत माना जाता है। आमतौर पर 60 साल से अधिक आयु वाले लोगों में इस समस्या का जोखिम अधिक देखा जाता है। अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है। यह एक प्रगतिशील बीमारी है जो अमूमन स्मृति हानि से शुरू होती है और जीवन के लिए कई सारी समस्याओं का कारण बन सकती है।
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ यह रोग किसी को भी हो सकता है, इसमें जरूरी है कि परिवार के सदस्य रोगी की विशेष देखभाल करें। रोगी के परिवेश को शांत रखें, टीवी-साउंड की आवाज, उन्हें परेशान या भ्रमित कर सकती हैं। रोगी की दिनचर्या को व्यवस्थित करें।
परिवार के लोगों को चाहिए अल्जाइमर के रोगी की मानसिक स्थिति के साथ उनकी शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दें। समय के साथ अल्जाइमर कई और दिक्कतों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
मूत्राशय और आंतों की समस्याएं
अल्जाइमर से पीड़ित लोगों को पेशाब को नियंत्रित करने में परेशानी हो सकती है। यह समस्या बाउल और ब्लैडर पर नियंत्रण को कम कर सकती है। इस तरह की दिक्कतें बीमारी के बढ़ने के साथ होनी सामान्य हैं। उन संकेतों से अवगत रहें जिससे आप समझ सकें कि कब पेशाब की जरूरत है, उनकी सहायता करें।
अवसाद का खतरा अधिक
अल्जाइमर वाले लोगों में अवसाद होने का जोखिम अधिक हो सकता है। अल्जाइमर रोगी अक्सर उदास महसूस करते हैं, बातचीत और अपनी भावनाओं को शेयर करने में उन्हें कठिनाई हो सकती है। यही कारण है कि उनमें समय के साथ मानसिक स्वास्थ्य विकारों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
रोगियों को नियमित व्यायाम, अन्य लोगों के आसपास अधिक समय बिताने और उन कार्यों में व्यस्त रहने के लिए प्रोत्साहित करें, जिन्हें वे पसंद करते हैं। ऐसा करके डिप्रेशन के जोखिम को कम किया जा सकेगा।
संक्रमणों का खतरा
अल्जाइमर के बाद के चरणों में रोगियों में संक्रमण होने की अधिक आशंका होती है। इसमें मूत्राशय में संक्रमण, फ्लू और निमोनिया शामिल हैं। 65 वर्ष की आयु के बाद एक बार का निमोनिया का वैक्सीनेशन डॉक्टर की सलाह पर जरूर कराएं। लक्षणों या व्यवहार में अचानक परिवर्तन या बुखार पर ध्यान दें, ये संक्रमण की ओर इशारा हो सकता है। आहार में फल-सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम मजबूती देने में सहायक हो।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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