Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole
सलाह : सोते समय न करें ये गलतियां, नहीं आ पाती है अच्छी नींद
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मोबाइल फोन पास रखकर सोना
फोन को सिर के पास रखकर सोना बिल्कुल भी अच्छी बात नहीं है। ऐसा करने से व्यक्ति का दिमाग फोन पर ही होता है। नींद में भी उसे बार-बार ख्याल आता है कि फोन सिर के पास ही रखा है न और नींद टूटती है और फोन पास में रखे होने के कारण व्यक्ति सोने का प्रयत्न भी नहीं करता है। ऐसे में सही समय पर वो सो नहीं पाता है और सोने का एक तय समय टल जाता है, जिसके बाद अच्छी नींद नहीं आती है।
खाना खाते ही सोना
यदि आप देर से खाना खाते हैं और सोने को जाते हैं तो तय बात है कि आपको अच्छी नींद नहीं आएगी। पहले तो आपको सोने के लिए प्रयत्न करना पड़ेगा और यदि नींद जल्दी आ भी गई तो रात में नींद टूटने की संभावना बहुत हद तक है क्योंकि शरीर को पानी की आवश्यकता लगती है ,जिस वजह से आपकी नींद खुल सकती है और फिर आपको सोने के लिए प्रयत्न करना पड़ेगा।
दाईं करवट सोना
दाईं करवट सोने पर भी अनिद्रा की समस्या हो सकती है क्योंकि ऐसे सोने पर खाना ठीक से पच नहीं पाता है, एसिडिटी, पेट में भारीपन, जलन आदि महसूस होती रहती है। ऐसे में कई बार एसिड शरीर में ऊपर की तरफ भी आने लगता है जिस वजह से बेसमय रात में कभी भी नींद खुल जाती है और घबराहट आदि की समस्या होने लगती है इसलिए सोते वक्त सीधे या बाईं करवट पर सोना ही सही माना जाता है।
सोते समय बहुत जरूरी है कि आप अपने दिमाग को खाली करके सोएं या फिर कुछ अच्छा सुनकर या पढ़कर सोएं क्योंकि यदि आप सोते वक्त अपने दिमाग को किसी भी बात की चिंता करने में लगा देते हैं और आपको नींद आ जाती है तो दिमाग में वही विचार चलते हैं, जिस वजह से कई बार बुरे सपने आते हैं और घबराकर आपकी नींद खुल जाती है और फिर नींद नहीं आती है इसलिए रात में चिंता न करें।
नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।