कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से पूरी दुनिया प्रभावित है। ऐसे हर कोई इस घातक वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रख रहे हैं। हालांकि, इस वायरस से जुड़ी कुछ गलतफहमियां भी हमारे बीच बहुत तेजी से फैल रही हैं। कुछ लोग तो इन गलतफहमियों को सही मान ले रहे हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से कोरोना वायरस से जुड़े कुछ मिथ और उनकी सच्चाई के बारे में बताएंगे।
कोरोना वायरस: कहीं आप भी तो नहीं इन 5 गलतफहमियों के शिकार, जानिए इनकी सच्चाई
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विटामिन-सी के सेवन से नहीं होगा कोरोना का संक्रमण
मिथ - विटामिन-सी के सेवन से करने से कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं रहता है।
फैक्ट - शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और वायरस से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना जरूरी है। विटमिन सी हमारे शरीर में इम्यून को मजबूत बनाता है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि विटमिन सी कोविड-19 के इंफेक्शन से बचा सकता है।
कोरोना से बचने के लिए मास्क जरूरी है
मिथ - मास्क लगाने से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है।
फैक्ट - कोई भी सर्जिकल मास्क को ऐसा डिजाइन ही नहीं किया गया है कि जो वायरल पार्टिकल्स को ब्लॉक कर दे। लेकिन संक्रमित व्यक्ति मास्क लगाकर वायरस को फैलने से रोक सकता है। क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के छींकने और सांस लेने के दौरान निकलने वाली महीन बूंदों में वायरस होते हैं।
साबुन से ज्यादा प्रभावी सैनिटाइजर
मिथ - ज्यादातर लोगों के दिमाग में यह बात घर कर गई है कि साबुन से हाथ धोने के बजाए हैंड सैनिटाइजर अधिक प्रभावी है।
फैक्ट - जब हम साबुन से हाथ धोते हैं तो वायरस न सिर्फ मरते हैं बल्कि धुल भी जाते हैं। यदि आपके हाथों पर डस्ट लगा हो ते हैंड सैनिटाइजर के बदले साबुन का उपयोग करना बढ़िया रहता है।
हर्बल टी पीने से दूर हो जाएगा कोरोना वायरस का खतरा
मिथ - हर्बल टी पीने से कोरोना से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
फैक्ट - चाय में मिथाइल जेंथीन्स नामक तत्व पाया जाता है, जो खतरनाक वायरस के प्रभाव को कम कर देता है। हालांकि कोरोना वायरस के संबंध में अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।