भारत में अमरूद के दिवानों की कमी नहीं है। लोग इस फल को बड़े शौक के साथ खाते हैं लेकिन जब यह पता लग जाये कि यह फल सुस्वादु होने के साथ ही गुणकारी भी है तब तो इसे खाने में और भी रूचि बढ़ जाती है। सर्दियों के दिनों में अधिकतर बीमारियों में लोगों को दवाइयां नहीं जमती, शरीर में गर्मी बढ़ा देती है। ऐसे में बुखार, एसिडिटी, कब्ज आदि में अमरूद का सेवन करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अमरूद में विटामिन-सी और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए किन बीमारियों का इलाज करने में किस तरह से करना चाहिए अमरूद का सेवन।
सर्दियों में अमरूद के सेवन से होंगे हैरान कर देने वाले फायदे, बुखार में भी है लाभकारी
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बवासीर का इलाज
बवासीर के इलाज में अमरूद की छाल काफी फायदेमंद होती है। 5-10 ग्राम अमरूद की छाल का चूर्ण का काढ़ा बनाकर सेवन करने से बवासीर ठीक हो जाता है। अच्छे परिणामों के लिए बवासीर के मरीजों को यह काढ़ा लगातार 1 माह तक प्रतिदिन एक बार पीना चाहिए।
यदि आपको तेज बुखार है और आसपास अमरूद का पेड़ है तो चिंता की कोई बात ही नहीं। अमरूद का औषधीय प्रयोग लाभकारी होता है। अमरूद के पत्तों को पीसकर इसका रस निकालकर बुखार से पीड़ित व्यक्ति को पिलाने से बुखार कम होता है। ऐसा करन से तत्काल शरीर का तापमान गिर जाता है।
पेचिश और हैजा होता है ठीक
बच्चों में पेचिश होने पर अमरूद की 15 ग्राम जड़ को एक गिलास पानी में तब तक उबालें, जब तक यह आधा न हो जाए। इसके बाद इसे बच्चों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में 2-3 बार पिलाते रहें, इससे बच्चों को लाभ पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त हैजा होने पर भी अमरूद की छाल और इसके पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है।
एसिडिटी और कब्ज में लाभकारी
अमरूद के बीज एसिडिटी कम करने में काफी कारगर होते हैं। इसके लिए अमरूद के बीज निकालकर उसमें गुलाब जल और मिश्री मिला लें। इस मिश्रण का सेवन करने से एसिडिटी कम होती है। जिन्हें ज्यादातर कब्ज की समस्या बनी रहती है, उन्हें दिन मेंं दो बार अमरूद का सेवन करना चाहिए।