Career Development: आज राष्ट्रीय खेल दिवस है, जिसे हर साल हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की याद में मनाया मनाया जाता है। इस मौके पर युवाओं के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि आज खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं रह गए हैं। बदलते दौर में खेलों की परिभाषा और इसमें कॅरिअर की संभावनाएं, दोनों ही व्यापक हो चुकी हैं। खेलों की दुनिया में अब विज्ञान, डाटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका हो गई है।
अब यह केवल खिलाड़ियों का क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि खेल में युवाओं को स्पोर्ट्स साइंस, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट से जुड़े क्षेत्रों में उज्ज्वल और बेहतर कॅरिअर बनाने के मौके भी मिल रहे हैं। अगर आप खेलों के प्रति जुनूनी हैं, लेकिन किसी मुकाम तक नहीं पहुंच सके, तो भी आपके लिए इस क्षेत्र में कदम रखने के कई रास्ते खुले हैं। सही कौशल और कोर्स का चयन करके आप इस क्षेत्र में अपनी जगह और पहचान, दोनों बना सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
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शॉर्ट-टर्म कोर्स से करें शुरुआत
सबसे पहले यह तय करें कि साइंस, टेक या मैन्युफैक्चरिंग में आपकी रुचि किस क्षेत्र में है। इसके बाद आप बीएससी/बीपीटी/बीटेक/एमबीए (स्पोर्ट्स मैनेजमेंट) आदि की डिग्री हासिल करने पर विचार कर सकते हैं। आप स्ट्रेंथ-एंड-कंडीशनिंग, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, डाटा एनालिटिक्स व आईओटी प्रोटोटाइपिंग जैसे शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स से भी शुरुआत कर सकते हैं। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय इनक्यूबेटर भी शॉर्ट-टर्म कोर्स की पेशकश करते हैं। इनके जरिये आप कम समय में इस क्षेत्र से जुड़े कौशल सीख सकते हैं।
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रचनात्मकता और तकनीक का मेल
इस क्षेत्र में स्पोर्ट्स साइंस से जुड़ी नौकरियों के लिए बेसिक बायोलॉजी या फिजियोलॉजी, जबकि डाटा से संबंधित भूमिकाओं के लिए पायथन, एसक्यूएल या एक्सक्यूएल जैसे डाटा कौशल पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए। अगर आप वियरेबल या हार्डवेयर बनाना चाहते हैं, तो इलेक्ट्रॉनिक्स या आईओटी का ज्ञान जरूरी है।
प्रोडक्ट डिजाइन में जाने के लिए आपको डिजाइन और सीएडी (कैड) की बारीकियों से भली-भांति परिचित होना होगा। कम्युनिकेशन, टीमवर्क, बेहतर संचार और प्रोजेक्ट-मैनेजमेंट आदि कौशल भी इस क्षेत्र में काफी फायदेमंद साबित होते हैं।
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कौशल की परख
कोर्स करने व कौशल सीखने के बाद आप मैच-डाटा का एनालिसिस या बेसिक वियरेबल प्रोटोटाइप जैसा एक छोटा प्रोजेक्ट बनाएं। आप लोकल क्लब, अकादमी या खेल से जुड़े स्टार्टअप में इंटर्नशिप भी कर सकते हैं। इसके पश्चात अपना प्रभावी पोर्टफोलियो तैयार करें, ताकि नौकरी तलाश करने में आसानी हो।
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कहां मिल सकती है नौकरी
आप स्पोर्ट्स अकादमी, पेशेवर क्लबों व खेलों से जुड़े कपड़े बनाने वाली कंपनियों में नौकरी करने के अलावा खुद का स्पोर्ट्स-टेक स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हैं। आप मेरठ, जालंधर जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड फैक्ट्रियों में रोजगार तलाश सकते हैं।