अमर उजाला फाउंडेशन की विशेष मुहिम के तहत विश्व रक्तदाता दिवस पर जीएमसी जम्मू में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा, सरकारी कर्मचारी, सुरक्षाबल के जवान, एमबीबीएस के छात्र के अलावा बड़ी संख्या में कई अन्य लोगों ने रक्तदान किया। प्रत्येक रक्तदाता को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया गया। जीएमसी जम्मू के के ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट में सुबह दस बजे शिविर लगाया गया। इस दौरान लोगों में गजब का उत्साह देखा गया। रक्तदान करने के लिए हर कोई अपनी बारी का इंतजार करते नजर आया।
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भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा रक्तदान के दौरान
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, रक्तदान करने पहुंचे भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करने में गजब की सुखद अनुभूति का एहसास होता है। अमर उजाला फाउंडेशन की ये अनूठी पहल है। अधिक से अधिक जरूरतमंदों की मदद के लिए रक्तदान किया जाना चाहिए।
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रक्तदान के लिए पहुंचे सुरक्षाबल के जवान।
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जीएमसी जम्मू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. मीना सिद्धू ने बताया कि रक्तदान का शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। भारत में हर दो सेकेंड में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है और हर साल पांच करोड़ यूनिट खून की आवश्यकता है। लोगों को बढ़चढ़ कर रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एनबीटीसी) की सिफारिशों के अनुसार 18-60 आयु वर्ग का कोई स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन 50 किलो तक या उससे अधिक है, रक्तदान कर सकता है। रक्तदाता को कोई संक्रामक रोग नहीं होना चाहिए।
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रक्तदान के बाद युवा प्रशस्ति पत्र के साथ
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जीएमसी के सामाजिक और निवारक विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि रक्तदान करने के 49 घंटे के भीतर शरीर में कम हुई लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण शुरू हो जाता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। रक्तदान करने से शरीर में आयरन का स्तर सही रहता है, इससे हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है। इससे कैलोरी कम करने और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद मिलती है। वजन के अनुसार अधिकतम 350 से 450 मिली रक्त ही लिया जाता है।
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Blood Donation Camp
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शिविर में रक्तदान के लिए बड़ी संख्या में लोगों खासकर युवाओं का उत्साह देखने को मिला।