ऐतिहासिक सुद्धमहादेव का तीन दिवसीय मेला सोमवार को विधिवत शुरू हो गया है। इसका शुभारंभ डीडीसी सदस्य उषा देवी, राकेश बोदी, बीडीसी अध्यक्ष प्रकाश चंद, एसडीएम चिनैनी परवेज अहमद नायक और तहसीलदार व मेला अधिकारी वेद प्रकाश ने किया। सोमवार को शुरू हुए मेले में सुबह मेला स्थल पर रौनक काफी कम थी। लेकिन, जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, चहल पहल बढ़ती गई।
Sudhmahadev Mela: सुद्धमहादेव मेले का शुभांरभ, बम भोले के दर्शन करने पहुंचे हजारों भक्त
सुद्धमहादेव का तीन दिवसीय मेला सोमवार को शुरू हो गया है। मेला स्थल पर बच्चे व युवा पारंपरिक झूलों का दिन भर मजा लेते रहे। मेले में चौगान पर झूले लगाए गए थे।
इससे पहले सोमवार दोपहर को मेला स्थल पर हजारों यात्री पहुंच चुके थे। इसके बाद भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी पंक्तियां लगना शुरू हो गईं। दो बजे के बाद मेला स्थल पर काफी लोग पहुंचे चुके थे, लेकिन शाम चार बजे मेला स्थल पर हर तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे थे। यात्रियों से बाजार भरे हुए थे।
मेले में पहुंचे यात्रियों का स्वागत चिनैनी से ही शुरू हो गया था, जहां स्थानीय लोग यात्रियों को हलवा, पूड़ी और मीठा पानी पिला रहे थे। यात्री गौरीकुंड स्थित गौरी माता मंदिर में माथा टेकने पहुंच रहे थे। साथ ही सुद्धमहादेव में गौकरण, देविका और पाप नाशनी बावली में पवित्र स्नान कर भगवान शिव के मंदिर में माथा टेक रहे थे। वहीं, मानतलाई के कुंड में भी श्रद्धालु स्नान करने पहुंच रहे थे।
इस दौरान सेवादारों की भी कमी नहीं थी। कई स्थानों पर भंडारे की व्यवस्था थी, जहां प्रसाद के लिए भक्तों का तांता लगा था। मेला स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाकर विभाग की योजनाएं बता रहे थे। इस दौरान नायब तहसीलदार तनवीर शाह, एसडीपीओ अहमद शाफी जरगर, सुद्धमहादेव चौकी प्रभारी गौरव सलाथिया व विभिन्न पंचायतों के सरपंच भी मौजूद थे।
झूलों के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उठाया लुत्फ
मेला स्थल पर बच्चे व युवा पारंपरिक झूलों का दिन भर मजा लेते रहे। मेले में चौगान पर झूले लगाए गए थे। बाद में उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहुंच कर डोगरी गायकों की प्रस्तुति का लुत्फ उठाया। हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिन्हें युवा खेल विभाग ने करवाया। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे।
दुकानों पर शाम को दिखी रौनक
मेला स्थल पर शाम को ज्यादा यात्री पहुंचे। दिन भर वाहनों की संख्या कम होने से दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी थी। लेकिन, शाम को जैसे ही छोटे बड़े वाहन सुद्धमहादेव पहुंचे, मेले की रौनक बढ़ गई। मेले में छोटी बड़ी सैकड़ों दुकानें सजी थीं।
शूलपाणिश्वर मंदिर सुद्धमहादेव में हल्के हरे रंग की प्राचीन एवं दुर्लभ शिव रुद्री है। ऐसी रुद्री देश के किसी और स्थान पर नहीं है। भक्तों का ऐसा मानना है कि इस रुद्री के दर्शन करने से भक्तजनों को सुख, शांति एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है, जिसे मेले के दौरान श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बाहर रखा जाता है। सोमवार को लाइन में लगकर हजारों श्रद्धालुओं ने इसके दर्शन किए।
ऐतिहासिक मेले को लेकर चिनैनी से मानतलाई तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। चिनैनी, बष्ट, गौरीकुंड और मानतलाई में पुलिस व सीआरपीएफ तैनात की गई थी। जबकि, यातायात विभाग के कर्मी भी ड्यूटी पर थे। इस दौरान कई स्थानों पर गाड़ियों की जांच भी की जा रही थी। वहीं, सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाया जा रहा था, और कइयों के चालान भी काटे गए।