नशे की लत को पूरा करने के लिए युवाओं में सामूहिक सिरिंज का प्रयोग उन्हें एचआईवी/एड्स से पीड़ित कर रहा है। जम्मू कश्मीर में हेरोइन का नशा तेजी से बढ़ा है। इस नशे को पूरा करने के लिए एक ही सिरिंज को कई नशेड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं।
यौन संबंध हो या सिरिंज का इस्तेमाल...इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है एड्स
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यही नहीं, नशे के बाद असुरक्षित यौन संबंधों से भी युवा संक्रमित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसमें युवतियां भी शामिल हैं। सायकाइटरी अस्पताल के ओपियड सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में रोजाना करीब 150 में से सिरिंज ड्रग के 5 से 10 मामले होते हैं।
सामूहिक सिरिंज से हेरोइन का नशा लेने में शहर के साथ ग्रामीण इलाकों के युवा प्रभावित हैं। पहले यह आंकड़ा शहरों में अधिक था। नशे के लिए एक ही सिरिंज का सामूहिक प्रयोग करने से त्वचा संबंधी संक्रमित बीमारियों का भी खतरा रहता है।
पीड़ित को बुखार के साथ अन्य शिकायतें रहती हैं। सायकाइटरी अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जगदीश थापा के अनुसार नशे के लिए सामूहिक सिरिंज के प्रयोग से एचआईवी का खतरा बढ़ा है। वे नशे के साथ संक्रमित बीमारियां ले रहे हैं।