कोरोना की दूसरी लहर थैलेसीमिया के मरीजों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इन मरीजों को रक्त की जरूरत रहती है। ऐसे में अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे इनके संक्रमित होने का खतरा भी रहता है। इसके अलावा अस्पतालों में सामान्य हालात के मुकाबले रक्तदान कम होने के चलते रक्त की भी कमी है। हालांकि, अब तक किसी भी देश में यह सबूत नहीं मिले हैं कि रक्तदान या रक्त चढ़ाने से कोरोना का संक्रमण किसी को हुआ है। जीएमसी जम्मू और एसएमजीएस अस्पताल के थैलेसीमिया डे केयर सेंटर के कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार डीगरा के अनुसार सरकारी अस्पतालों में केवल आपात सर्जरी ही होने से थैलेसीमिया के मरीजों के लिए रक्त का प्रबंध फिलहाल हो जा रहा है।
थैलेसीमिया के मरीज ध्यान दें: संक्रमण से बचने के लिए करें ये काम, इन नियमों की अनदेखी न करें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थैलेसीमिया के मरीजों को भविष्य में भी रक्त की कमी न हो इसके लिए रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किए जाने की जरूरत है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से थैलेसीमिया के मरीजों का बचाव हो, इसके लिए उन्हें कोविड वैक्सीन लगवानी चाहिए।
ऐसे मरीजों के लिए कोविड वैक्सीन के लिए कोई अलग से सिफारिशें नहीं हुई हैं। ऐसे में इन सभी मरीजों को अपनी बारी के अनुसार वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। डॉ. संजीव का कहना है कि थैलेसीमिया के मरीज हों या फिर आम लोग, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से खुद को व अपनों का बचाव करने के लिए छह फीट की शारीरिक दूरी के नियम के अलावा फेस मास्क और बार-बार हाथे धोने या सैनिटाइज करने के नियम का पालन करना होगा।
डॉक्टर के मुताबिक बार-बार मुंह नाक को अपने हाथों से छूने की आदत को छोड़ना होगा। बहुत आवश्यक हो तो ही घर से बाहर निकलना चाहिए। अगर बुखार आ जाए तो खुद को अन्य सदस्यों से अलग कर लें। इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
- थैलेसीमिया के मरीज जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें
- अन्य लोगों से छह फीट की शारीरिक दूरी के नियम की अनदेखी न करें
- पौष्टिक आहर नियमानुसार लें
- फ्राई खाद्य पदाथों का सेवन न करें