काफी समय से जम्मू संभाग के पुंछ जिले में आतंकवाद फैलाने के प्रयास को नाकाम बनाने और नियंत्रण रेखा से उस पार से लगातार हो रही हथियारों व ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगाने के काम को अंजाम दे रही पुलिस ने बुधवार को आतंकवाद पर बड़ा प्रहार करते हुए एक आतंकी को जम्मू एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान शेर अली निवासी धारघलून मेंढर के रूप में हुई है।
आतंक पर प्रहारः जम्मू एयरपोर्ट से गिरफ्तार आतंकी शेर अली की साजिशों का खुलासा
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शेर अली कुवैत में बैठकर नियंत्रण रेखा के उस पार से आतंकियों को घुसपैठ कराने और हथियारों व ड्रग्स की तस्करी को काम अंजाम दे रहा था। इस काम के लिए वह जिले में कुछ युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों ड्रग्स एवं हथियारों की तस्करी के काम में भी लगा रहा था। इस आतंकी के पिता मुश्ताक अहमद और बहन रसकीम अख्तर पहले से ही आतंकियों से संबंध और हथियारों की तस्करी के आरोप में जेल में बंद हैं।
शेर अली के पकड़े जाने के बारे में एसएसपी रमेश अंगराल ने बताया कि शेर अली की गिरफ्तारी जिले में कुछ माह से पुलिस द्वारा दबोचे गए हथियारों एवं ड्रग्स की तस्करी करने वालों की ही कड़ी का एक भाग है। शेर अली कुवैत में बैठ कर पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में मौजूद आतंकी सरगना सुलतान के संपर्क में था। उसके माध्यम से ही उसने बालाकोट के डब्बी क्षेत्र से जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स जोकि लश्कर का ही एक अंग है, उसके दो आतंकियों को नियंत्रण रेखा के इस पार घुसपैठ करा कर अपने इस तरफ मौजूद कुछ साथियों के सहयोग से उन आतंकियों को चार चरणों में सुरनकोट के पोशाना तक पहुंचाया था।
जहां वह दो आतंकी 13 दिसंबर 2020 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। शेर अली ने जिले में अपना पूरा आतंकी और तस्करी नेटवर्क स्थापित कर रखा था। सूत्रों के अनुसार पुंछ पुलिस कुछ समय से कुवैत में शेर अली की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसके चलते पुलिस को पता चला कि वह कुवैत से हवाई जहाज से मुंबई पहुंचा और वह वहां से आज ही जम्मू पहुंचने वाला है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की एक टीम डीएसपी की अगुवाई में पहले ही जम्मू एयरपोर्ट पर पहुंच गई और जैसे ही वह हवाई जहाज से उतरा उसे वहीं दबोच लिया गया।
आतंकी शेर अली ने जिन दो आतंकियों को बालाकोट के डब्बी क्षेत्र से घुसपैठ कराई थी उन्हें अपने सहयोगियों की सहायता से कांगागली से बालाकोट पहुंचाया था। वहां से अन्य सहयोगी की सहायता से तोतागली, वहां से अन्य सहयोगी की मदद से नक्कां मंजयाड़ी और गूंथल सुरनकोट पहुंचाया था। वहां से आतंकी कश्मीर जाने के लिए मुगलरोड के पोशाना तक पहुंचे थे, लेकिन बर्फबारी के कारण वह आगे नहीं जा पाए और सुरक्षा बलों को उनकी जानकारी मिल जाने से वह मुठभेड़ में मारे गए। सूत्रों के अनुसार आतंकियों को स्टेप बाई स्टेप आगे पहुंचाने वाले शेर अली के करीब छह सहयोगियों को भी दबोच लिया गया है।