कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग का सिलसिला जारी है। आतंकियों ने मंगलवार को हिंदू शिक्षिका रजनी बाला को मौत के घाट उतार दिया। घात लगाए आतंकियों ने सांबा की मूल निवासी शिक्षिका पर स्कूल के भीतर बच्चों के सामने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर कर सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस महीने आतंकियों ने एक कश्मीरी पंडित समेत दो हिंदू सरकारी कर्मचारियों की हत्या की है। रजनी बाला की हत्या के बाद घाटी में पीएम पैकेज के तहत तैनात कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने 24 घंटे में सुरक्षित स्थान पर तबादला न होने पर सामूहिक पलायन की धमकी दी है।
कश्मीर में टारगेट किलिंग: टीचर रजनी को स्कूल के पास छोड़कर निकले थे बेटी और पति, अंदर पहुंचने से पहले ही आतंकियों ने की अंधाधुंध फायरिंग
रजनी बाला बेटी सना और पति राजकुमार के साथ रोज की तरह नाश्ता कर घर से निकली थी। तीनों साथ थे। पति और बेटी रजनी को स्कूल के पास छोड़कर वापस आ रहे थे कि पीछे से आतंकियों ने रजनी पर हमला कर दिया।
राजकुमार ने कहा कि रजनी को स्कूल के सामने उतारकर आए थे। उनके हाईस्कूल की चहारदीवारी नहीं है। सुनसान क्षेत्र है, वहां से कुछ दूर उन्हें पैदल ही जाना होता है। वह उसे उतार कर बेटी के साथ निकल गए।

बेटी को स्कूल छोड़ कर अपने स्कूल पहुंचना था। कुछ ही देर बाद उन्हें फोन आया कि वह शीघ्र ही गाड़ी लेकर स्कूल पहुंचें। उसी क्षण वह वापस पहुंचे तो वहां का मंजर देख सन्न रह गए। उनके अनुसार रजनी अभी अपने स्कूल के अंदर भी नहीं पहुंची थी, कि आतंकियों ने उसे मौत की नींद सुला दिया।
राजकुमार के अनुसार सोमवार को रजनी के स्थानांतरण का आदेश हुआ था। मंगलवार को अपने प्रधानाचार्य से रिलीविंग ऑर्डर लेना था। उन्होंने कमरा भी शिफ्ट कर लिया था। वह खुश थे कि वे दोनों अब एक ही स्कूल में तैनात हो जाएंगे, तो काफी राहत मिलेगी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। वहीं, रजनी के ससुर रामपाल ने कहा कि बहू की आतंकियों ने हत्या कर दी है। बेटे राजकुमार का जम्मू में तबादला किया जाए।
कुलगाम में शिक्षिका की हत्या से मायके में मातम
कुलगाम के गोपालपुरा में तैनात शिक्षिका रजनी बाला की गोली मारकर हत्या की खबर मिलते ही रजनी के मायके करेल मन्हास में मातम छा गया। सुबह दस बजे से ही लोग रजनी के मायके पहुंचने लगे।
रजनी बाला दो भाइयों और चार बहनों में से सबसे छोटी थी। रजनी बाला की शादी सांबा के गांव नानक चक में हुई थी। पति और रजनी 2009 में कश्मीर में शिक्षक पद पर नियुक्त हुए।
रजनी बाला के भाई सुजीत कुमार, सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस घटना की किसी ने जानकारी दी। रजनी के पति राजकुमार को फोन किया तो वे अस्पताल में थे। गांव में इस हत्या को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि पहले ही सेना पर हमला करते थे, अब यह लोग आमजन को निशाना बना रहे हैं, ऐसे लोगों को माफ नहीं करना चाहिए।