देश की पूर्व विदेश मंत्री एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री, एक प्रखर वक्ता सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। उनके निधन से पूरा देश स्तब्ध व शोकाकुल है। सुषमा की पहचान एक ऐसे नेता
के रूप में रही है जिनका मुरीद देश ही नहीं विदेश में बसे भारतीय व अन्य मुल्कों के लोग हैं। सुषमा स्वराज ने निधन से 3 घंटे पहले एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया था। उन्होंने लिखा- प्रधानमंत्री जी- आपका हार्दिक अभिनन्दन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।
आगे की स्लाइड में पढ़िए- दिल को छू लेने वाला भाषण
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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
- फोटो : PTI
कश्मीर सुषमा स्वराज के दिल के बेहद काफी करीब रहा। 11 जून 1996 को उन्होंने लोकसभा में कश्मीर मामले को लेकर जोरदोर व दिल को छू लेने वाला भाषण दिया था। उस भाषण को कोई भी भारतीय भुला नहीं सकता। इस भाषण में उन्होंने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना भाजपा का लॉन्ग टर्म प्लान बताया था।
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सींगना में चुनावी सभा के दौरान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
साल 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी के इस्तीफे के बाद सुषमा स्वराज ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए सुषमा स्वराज खड़ी हुईं। यही वह भाषण था जिसने सुष्मा स्वराज को एक तेज तर्रार नेता और ओजस्वी वक्ता के रूप में स्थापित कर दिया। इस भाषण में उन्होंने रामायण से लेकर महाभारत तक का जिक्र किया था।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
सुषमा स्वराज बोलीं जब एक मंथरा और एक शकुनी भगवान राम और युधिष्ठिर को राज करने से रोक सकते हैं तो आप इसी सदन में देखें कितने मंथरा और शकुनी हमारे खिलाफ खड़े हो गए हैं। ऐसे में हम सत्ता में कैसे रह सकते हैं। मुझे लगता है कि अविश्वास प्रस्ताव रामराज्य और सुराज्य की प्रकृति है।
सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच ओजस्वी भाषण में सुषमा स्वराज ने कश्मीर को लेकर भाजपा के कश्मीर मामले से जुड़ी प्राथमिकता और प्रतिबद्धता की नीव रखी थी। उसी नीव पर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर मोदी सरकार ने एक नए सवेरे के आगाज किया है। सुषमा के भाषण पर मचे हंगामें के बीच तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष पीए सांगमा ने कहा- मैडम..प्लीज अपना भाषण इतना दिलचस्प न करिए!