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तस्वीरेंः जन्नत को फिर से जहन्नुम बनाने की फिराक में आतंक के सौदागर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
Updated Fri, 06 Apr 2018 07:42 PM IST
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unrest kashmir
- फोटो : BASIT ZARGAR
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अलगाववादियों ने पर्यटन सीजन शुरू होते ही घाटी को एक बार फिर हिंसा की आग में झोंकने की साजिश रची है। इसके लिए शोपियां मुठभेड़ को बहाना बनाया गया है। हिंसा के तहत पत्थरबाजी के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं को हथियार बनाया गया है।
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- फोटो : BASIT ZARGAR
खास बात यह है कि स्कूली छात्राओं को भी पत्थरबाजी के लिए भड़काया गया है। यही वजह है कि वीरवार को स्कूल-कालेज खुलते ही श्रीनगर के साथ ही घाटी के विभिन्न हिस्सों में स्कूली छात्र-छात्राओं ने सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया। इससे पूरी घाटी में तनाव की स्थिति रही।
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सीआरपीएफ से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि वीरवार को जिस तरह से सभी स्थानों पर पत्थरबाजी शुरू हुई है, वह स्वत: स्फूर्त विरोध प्रदर्शन नहीं लगता है। इसके पीछे हिंसा भड़काने की साजिश नजर आती है। इसके पीछे उन लोगों का हाथ हो सकता है जो घाटी में अमन शांति नहीं चाहते हैं।
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- फोटो : BASIT ZARGAR
शोपियां में मुठभेड़ में 12 आतंकियों और चार पत्थरबाजों के मारे जाने के बाद अलगाववादियों ने घाटी में चार दिन के बंद का आह्वान किया था। वीरवार को जैसे ही बंद समाप्त हुई तो स्कूली विद्यार्थियों का उपद्रव शुरू हो गया। सुबह से ही विभिन्न कालेजों के छात्र सड़कों पर आकर पत्थरबाजी करने लगे। यहां तक कि महिला कालेज की छात्राएं भी पीछे नहीं रहीं। अपने चेहरे को ढंककर वे भी सुरक्षा बलों के वाहनों पर पत्थर बरसाती रहीं।
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इस दौरान कालेज प्रशासन बिल्कुल मूकदर्शक बना रहा। इस तरह के इनपुट हैं कि घाटी में हिंसा के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं की टोलियां बनाई गई हैं, जिन्हें आम विद्यार्थियों को भड़काने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विरोध प्रदर्शन के बीच अचानक शुरू हुई पत्थरबाजी में देखत-देखते पूरा विद्यार्थी वर्ग इसमें शामिल हो गया।