पिछले काफी समय से अशांत माहौल के लिए सुर्खियों में रही घाटी में पर्यटन क्षेत्र पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है और नुकसान भी हुआ है। इसी नुकसान की भरपाई के लिए पर्यटन विभाग ने श्रीनगर में शिकारा फेस्टिवल का आयोजन किया और यह संदेश दिया कि घाटी पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
विश्व प्रसिद्ध डल झील में दो दिवसीय शिकारा फेस्टिवल का उद्घाटन करते हुए श्रीनगर के जिला उपायुक्त फारूक लोन ने कहा कि दुनिया भर के लिए मशहूर डल झील में रंग-बिरंगे शिकारे मौजूद हैं। इसमें सैर करने से एहसास होता है कि अगर कहीं जन्नत है तो वो कश्मीर में है।
वहीं पर्यटन विभाग के निदेशक महमूद शाह ने बताया कि इस वर्ष पर्यटन विभाग ने काफी मेहनत से देश विदेश में कश्मीर के पर्यटन का प्रमोशन किया है ताकि देश विदेश से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पर्यटक घाटी की सैर करने के लिए आएं।
उन्होंने बताया कि पर्यटकों को लुभाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और इसके लिए एक कैलेंडर भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम भी काफी खुशनुमा है, एक ओर जहां पूरे देश में जोरों की गर्मी पड़ रही है तो वहीं घाटी में मौसम ठंडा है। वहीं शिकारा फेस्टिवल के दौरान पर्यटक काफी खुश दिखे।
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dal lake
- फोटो : Amar Ujala
वहीं शिकारा फेस्टिवल के दौरान डल झील में चल रहे डूंगा बोट में रिवायती कार्यक्रम ने भी फेस्टिवल में चार चांद लगा दिए। गौरतलब है कि एनआईटी और हंदवाड़ विवाद ने घाटी के पर्यटन पर बूरा असर डाला है। इसे देखते हुए पर्यटन विभाग अब घाटी की अच्छी छवि पर्यटकों के सामने पेश करना चाहता है।