अनुच्छेद 370 हटने के दो महीने बाद आतंक के गढ़ दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने शनिवार को पहली बार ग्रेनेड हमला किया। डीसी ऑफिस के बाहर किए गए हमले में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी और एक पत्रकार समेत 14 लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट है कि आतंकी घाटी के अन्य जिलों में भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमले कर सकते हैं। इसके मद्देनजर घाटी के लगभग सभी जिला मुख्यालयों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा पुख्ता कर दी गई है। सड़कों पर नाके लगाकर हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जा रही है।
अनंतनाग आतंकी हमले के बाद घाटी में बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था, तस्वीरों में देखें हाल-ए-कश्मीर
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अनंतनाग जिला मुख्यालय के लाल चौक इलाके में शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे आतंकियों ने डीसी कार्यालय के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड दागा। निशाना चूकने से ग्रेनेड सड़क पर गिरकर फट गया। वहां मौजूद स्थानीय नागरिक इसकी चपेट में आ गए। पुलिस ने बताया कि हमले में 14 लोग घायल हुए। हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
आसपास के इलाके को घेरकर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई। इस बीच घायलों को जिला अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि 13 घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल में भर्ती एक घायल की हालत स्थिर है।
पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान रद्द करने के बाद यह दूसरा ग्रेनेड हमला है। इससे पहले 28 सितंबर को श्रीनगर के नवाकदल इलाके में सीआरपीएफ की 38वीं बटालियन के जवानों पर भी ग्रेनेड हमला किया गया था। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था।
आतंकियों ने अनंतनाग जिले के लाल चौक के भीड़भाड़ वाले इलाके को ग्रेनेड से निशाना बनाया। हमले का मुख्य उद्देश्य लोगों में दहशत पैदा करना था।- अतुल गोयल, डीआईजी, साउथ कश्मीर