जम्मू में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कानाचक में लगातार तीन दिन से ड्रोन मंडरा रहा है। इसे लेकर बीएसएफ, पुलिस और खुफिया एजेंसी अलर्ट हो गई हैं। बीते दिनों पुलिस ने खेतों से एक ड्रोन बरामद किया। इसके अगले ही दिन एक ड्रोन फिर देखा गया, जिसे बीएसएफ ने फायरिंग कर खदेड़ा। तीसरे दिन ड्रोन आसामान में काफी ऊंचाई पर दिखाई दिया।
साजिश : बॉर्डर पर तीन दिन से मंडरा रहा ड्रोन, बीएसएफ-पुलिस और खुफिया एजेंसी अलर्ट
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सूत्रों का कहना है कि बीएसएफ और पुलिस ने इसे लेकर एयरफोर्स से भी बात की है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह क्या मामला है। बीएसएफ के प्रवक्ता का कहना है कि यह सब सिविल एरिया में देखा जा रहा है। इसमें पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इससे पहले रविवार को कानाचक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। सुबह पांच से आठ बजे तक पंच टाली से ललयाल के बीच लगभग 1500 मीटर के क्षेत्र में अभियान चलाया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन से हथियार या कोई अन्य सामग्री तो नहीं गिराई गई है। हालांकि, इस दौरान कुछ मिल नहीं पाया। पूरी आईबी पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इससे पहले 14 मई को सांबा सेक्टर के रिगाल इलाके में ड्रोन से गिराए गए एके 47 व पिस्टल बरामद किए थे।
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कानाचक के स्थानीय लोगों ने शनिवार देर रात एक पीली रोशनी देखी तो उनमें हड़कंप मच गया। इस बात की जानकारी सरपंच गंगो चक लाज्या देवी और स्थानीय निवासी लाडी शर्मा ने कानाचक पुलिस, बीएसएफ और आर्मी को दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक पीले रंग की रोशनी रात साढ़े नौ बजे के करीब पांज टाली से ललयाल की ओर जाते देखी गई।
सूचना मिलते ही एसडीपीओ दोमाना कोशीन कौल, एसएचओ कानाचक पुलिस थाना विश्व प्रताप सिंह, गजनसू चौकी प्रभारी ललित शर्मा, बीएसएफ की 12वीं बटालियन सहायक कमांडर रामपाल और आर्मी की 106वीं पैरा टीए के लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद टीम ने अलग-अलग जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।