सेंट्रल जेल कोट भलवाल के पास बन तालाब क्षेत्र में पाकिस्तानी संचार कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क आने से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। इससे पहले भी संचार सिग्नल की रेंज भारतीय क्षेत्र में आती रही है, लेकिन सरहद के आगे 11 किलोमीटर तक सिग्नल रेंज बढ़ने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर के इन जिलों में आ रहे हैं पाकिस्तानी कंपनियों के मोबाइल सिग्नल, ये है साजिश
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प्रदेश में कई जिले ऐसे हैं जहां पाकिस्तानी कंपनियों के मोबाइल सिग्नल और रेडियो की रेंज पकड़ी है। कटड़ा वैष्णो देवी के पास भी पाकिस्तान के रेडियो चैनल का सिग्नल आता है। जानकारी के अनुसार पुंछ, राजोरी, जम्मू, कठुआ, सांबा जिलों के बॉर्डर और एलओसी के पास चार से पांच किलोमीटर के दायरे में भी पाकिस्तान की मोबाइल कंपनी, रेडियो और टीवी चैनलों का सिग्नल आता है। जबकि बॉर्डर पर भारतीय कंपनियों का नेटवर्क काफी कम आता है।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान जानबूझकर अपने रेडियो और टीवी चैनलों की फ्रीक्वेंसी बढ़ा देता है। ताकि सरहद के आसपास रहने वाले लोग इन पाकिस्तानी चैनलों पर दुष्प्रचार को देख सकें। इन चैनलों पर भारतीय सेना के खिलाफ और कश्मीर को लेकर कई तरह का दुष्प्रचार होता है। इसके अलावा पुंछ और राजोरी में पाकिस्तान का मोबाइल नेटवर्क भी आता है।
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