{"_id":"681c56627ec25ff33c01e290","slug":"operation-sindoor-explosion-across-border-opened-eyes-of-people-of-border-areas-2025-05-08","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Operation Sindoor: 'धमाका इतनी तेज था कि पूरा गांव दहल उठा', सीमा से सटे इलाकों में रात में बुझा दी गई लाइटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Operation Sindoor: 'धमाका इतनी तेज था कि पूरा गांव दहल उठा', सीमा से सटे इलाकों में रात में बुझा दी गई लाइटें
Thu, 08 May 2025 02:47 PM IST
शाहरुख खान
अतुल सूदन, अमर उजाला, अखनूर
अतुल सूदन, अमर उजाला, अखनूर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 08 May 2025 02:47 PM IST
सार
सीमापार धमाका होने पर सरहदी इलाकों के लोगों की आंखें खुल गईं। लोगों ने अखनूर सेक्टर में सीमा से सटे इलाकों में रात में लाइटें बुझा दी। लोगों ने कहा कि अब तो कई रातों की नींद उड़ी है।
विज्ञापन
सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जाता परिवार
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू संभाग के सीमावर्ती इलाकों में अखनूर सेक्टर भी आधी रात के बाद से जागता रहा। ऑपरेशन सिंदूर की खबर मिलते ही आधी नींद से सरहदी इलाकों के लोग जाग उठे। फिर तो कब सुबह से रात हुई और अभी कितनी रातें यूं ही जाग कर बीतेंगी, किसी को मालूम नहीं। या तो लोग यहां घर के बाहर हैं, या फिर बंकरों में शरण लिए हुए हैं।
सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जाता परिवार
- फोटो : पीटीआई
बाजार खुले, लेकिन सन्नाटा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद
हालांकि, क्षेत्र के बाजार खुले रहे, पर आम दिनों की तरह चहल-पहल नहीं थी। दुकानों में सन्नाटा छाया रहा। बसें और मिनी बसें सड़कों से नदारद रहीं। अधिकतर लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। कैप्टन तुलसी कहते हैं कि जान तो हर किसी को प्यारी होती होती है। हम सबको युद्ध के दिनों की याद है, इसलिए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना सभी की प्राथमिकता है।
हालांकि, क्षेत्र के बाजार खुले रहे, पर आम दिनों की तरह चहल-पहल नहीं थी। दुकानों में सन्नाटा छाया रहा। बसें और मिनी बसें सड़कों से नदारद रहीं। अधिकतर लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। कैप्टन तुलसी कहते हैं कि जान तो हर किसी को प्यारी होती होती है। हम सबको युद्ध के दिनों की याद है, इसलिए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना सभी की प्राथमिकता है।
सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जाता परिवार
- फोटो : पीटीआई
प्रशासनिक हलचल तेज, दिनभर बैठकें
स्थानीय प्रशासन ने हालात को देखते हुए दिनभर उच्चस्तरीय बैठकें की। बॉर्डर से सटे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सीमाई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
स्थानीय प्रशासन ने हालात को देखते हुए दिनभर उच्चस्तरीय बैठकें की। बॉर्डर से सटे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सीमाई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीमा पर तनाव बढ़ा
- फोटो : पीटीआई
गांववालों ने बताई आपबीती
धमाका इतनी तेज था कि पूरा गांव दहल उठा
रिटायर्ड कैप्टन सोवाराम कहते हैं कि हम लोग बहुत जल्दी सो जाते हैं। मंगलवार रात को भी ऐसा ही हुआ था। आधी रात को सभी की नींद तेज धमाके की आवाज से खुली थी। ऐसे धमाकों से हम सबका गहरा रिश्ता रहा है, इसलिए इतना तो समझ गए थे कि भारत ने दुश्मन को उसकी औकात दिखा दी। सभी बाहर आए तो पता चला कि स्ट्राइक हुई है। इसके बाद तो नींद उड़ गई।
धमाका इतनी तेज था कि पूरा गांव दहल उठा
रिटायर्ड कैप्टन सोवाराम कहते हैं कि हम लोग बहुत जल्दी सो जाते हैं। मंगलवार रात को भी ऐसा ही हुआ था। आधी रात को सभी की नींद तेज धमाके की आवाज से खुली थी। ऐसे धमाकों से हम सबका गहरा रिश्ता रहा है, इसलिए इतना तो समझ गए थे कि भारत ने दुश्मन को उसकी औकात दिखा दी। सभी बाहर आए तो पता चला कि स्ट्राइक हुई है। इसके बाद तो नींद उड़ गई।
विज्ञापन
सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जाता परिवार
- फोटो : पीटीआई
एहतियातन बंद कर दीं घरों व गलियों की लाइटें
पूर्व सरपंच जगदीश शर्मा कहते हैं कि मंगलवार देर रात भारतीय सेना की ओर से सीमा पार संभावित टारगेट पर कार्रवाई के संकेत मिलते ही अखनूर उपजिला अस्पताल के स्टाफ को अलर्ट किया गया। स्थानीय लोगों ने एहतियातन घरों की लाइटें बंद कर दीं और गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी बुझा दीं। आसमान में लड़ाकू विमानों के गरजते ही लोगों के मन में बेचैनी बढ़ गई। मन में यही बात उठ रही थी कि क्या जंग की शुरुआत हो गई है?
पूर्व सरपंच जगदीश शर्मा कहते हैं कि मंगलवार देर रात भारतीय सेना की ओर से सीमा पार संभावित टारगेट पर कार्रवाई के संकेत मिलते ही अखनूर उपजिला अस्पताल के स्टाफ को अलर्ट किया गया। स्थानीय लोगों ने एहतियातन घरों की लाइटें बंद कर दीं और गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी बुझा दीं। आसमान में लड़ाकू विमानों के गरजते ही लोगों के मन में बेचैनी बढ़ गई। मन में यही बात उठ रही थी कि क्या जंग की शुरुआत हो गई है?