चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है... वर्ष 1986 में अवतार फिल्म में गाई गई इस भेंट ने नरेंद्र चंचल को विशेष पहचान दिलाई और वह भजन सम्राट के नाम से विख्यात हुए। मां वैष्णो के दरबार से नरेंद्र चंचल का विशेष लगाव था।
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चलो बुलावा आया है...भेंट से भजन सम्राट कहलाए नरेंद्र चंचल, कटड़ा से भवन तक हुई थी शूटिंग
Sat, 23 Jan 2021 12:42 PM IST
प्रशांत कुमार
रमण शर्मा, कटड़ा-जम्मू
रमण शर्मा, कटड़ा-जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 23 Jan 2021 12:42 PM IST
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नरेंद्र चंचल
- फोटो : फाइल फोटो
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नरेंद्र चंचल
- फोटो : फाइल
उन्होंने 1971 में पहली बार मां वैष्णो देवी के दरबार में भेंटें गाई थीं। उसके बाद लगातार हर वर्ष 31 दिसंबर को धर्मनगरी में जागरण का आयोजन किया जाता है। नरेंद्र चंचल भी मां की भेटों से भक्तों को निहाल करते रहे। इसके लिए वह कोई भी फीस नहीं लेते थे।
नरेंद्र चंचल
कटड़ा से भवन तक हुई थी शूटिंग
वर्ष 1983 में अवतार फिल्म में गाई भेंट चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है... की शूटिंग भी धर्मनगरी से लेकर भवन के बीच की गई थी। इस भेंट के बाद जागरण में आने वाले भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज होने लगी।
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नरेंद्र चंचल
- फोटो : फाइल
इसके बाद सुरक्षा कारणों के चलते श्राइन बोर्ड के गठन के बाद वर्ष 1986 में उन्हें भवन में जागरण आयोजित करने की अनुमति नहीं मिली।
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नरेंद्र चंचल
- फोटो : फाइल फोटो
ऐसे में धर्मनगरी में ही जागरण करने का निर्णय किया गया। वर्ष 1986 के बाद हर 31 दिसंबर को उन्होंने धर्मनगरी में ही जागरण का आयोजन किया।।
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