कश्मीर में सदियों से चले आ रहे माता खीर भवानी के मेले पर लगातार दूसरे वर्ष भी कोरोना की मार पड़ी है। कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष भी मेला आयोजित नहीं हुआ। लेकिन जो श्रद्धालु मंदिर पहुंचे उसे कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार दर्शन करने की अनुमति दी गई। बता दें कि 90 के दशक के बाद से कश्मीर में बिगड़े हालातों के दौर में भी मेले का भव्य आयोजन होता रहा है।
तस्वीरें: इस साल भी नहीं लगा माता खीर भवानी का मेला, कोविड प्रोटोकॉल के तहत लोगों ने किए दर्शन
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प्रशासन द्वारा मेले को लेकर कोई भी औपचारिक बयान जारी न करने को लेकर हजारों श्रद्धालु असमंजस में दिखे। उनका कहना है कि अगर मेले का आयोजन नहीं किया जाना था तो उसको लेकर स्पष्ट रूप से बयान जारी किया जाना चाहिए था, क्योंकि हजारों श्रद्धालु साल भर इस मेले में शामिल होने के लिए इंतजार में रहते हैं।
इस बीच कुछ श्रद्धालु जम्मू से यहां पहुंचे। जम्मू के रविंदर कौल ने बताया कि वह दो दिन पहले यहां पहुंच गए। सरकार ने मेले की अनुमति नहीं दी है, लेकिन अगर कोई आता है उसे प्रोटोकॉल के तहत मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वहीं एक अन्य कश्मीरी पंडित ओमकारनाथ शास्त्री ने कहा कि इन हालातों में मेले का आयोजन काफी मुश्किल है।
उन्होंने निराशा जताई कि मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा में जाने पर पाबंदी है लेकिन शराब की दुकानें खुली हैं और वहां कोई एसओपी का पालन नहीं हो रहा है। जम्मू से अनुपम भान ने फोन पर बताया कि सरकार को सीधे तौर पर बयान जारी करना चाहिए था ताकि कश्मीर के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
वहीं गांदरबल जिले की जिला उपायुक्त कृतिका ज्योत्सना ने मेला खीर भवानी मैनेजमेंट कमेटी के साथ बैठक की, जिसमें कार्यक्रम को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि डीडीएमए की ओर से जो भी दिशा निर्देश हैं उनका पालन करते हुए श्रद्धालुओं को अनुमति दी जाएगी। पूरी तरह से एसओपी का पालन कराया जाएगा। इसके लिए मजिस्ट्रेट भी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। जो कोई श्रद्धालु आएगा उसे प्रोटोकॉल के तहत अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या हर वर्ष की तरह भव्य मेला आयोजित करने की अनुमति है तो उन्होंने कहा कि जो हालात बने हुए हैं ऐसे में उस तरह का आयोजन करने की अनुमति नहीं है।