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इस मामले को लेकर चर्चा में आए थे मेजर गोगोई, उस वक्त मिला था सम्मान अब होगा डिमोशन

Sun, 31 Mar 2019 05:05 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 31 Mar 2019 05:05 PM IST
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Major Leetul Gogoi was limelight tying man in front of jeep to save from stone pelters in trouble
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
मेजर लीतुल गोगोई को सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में दोषी पाया गया है। मेजर गोगई श्रीनगर में एक होटल से लड़की के साथ हिरासत में लिए गए थे। गोगोई ड्यूटी छोड़कर महिला से मिलने के मामले में दोषी पाए गए हैं। इसके अलावा गोगोई को निर्देशों के खिलाफ जाकर स्थानीय लोगों से मेल-मिलाप ज्यादा बढ़ाने का भी दोषी पाया गया है। गौरतलब है कि साल 23 मई 2018 को भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई श्रीनगर के होटल ग्रैंड ममता में बडगाम की लड़की के साथ होटल में मिले थे। 
Major Leetul Gogoi was limelight tying man in front of jeep to save from stone pelters in trouble
लीतुल गोगोई - फोटो : फाइल
उस समय लड़की ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने कहा था कि वह मेजर की फेसबुक फ्रेंड है और वह अपनी मर्जी से उन्हें मिलने के लिए गई थी। यहां तक कि इस वजह से उसकी अपनी मां से लड़ाई हो गई थी। आपको बता दें कि होटल स्टाफ के साथ लड़ाई होने की वजह से मेजर कमरे में चेक-इन नहीं कर पाए थे। उनसे पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। हालांकि महिला ने स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज करवाए जिसमें उसने कहा कि वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर उनकी दोस्त है। 

 
Major Leetul Gogoi was limelight tying man in front of jeep to save from stone pelters in trouble
लीतुल गोगोई
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लड़की ने मजिस्ट्रेट को बताया कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई थी क्योंकि वह सेना के अधिकारी के साथ समय बिताना चाहती थी। वह उन्हें पहले से जानती है। बडगाम के चेक-ए-कवूसा गांव की रहने वाली लड़की ने मजिस्ट्रेट को अपना आधार कार्ड दिखाया था, इसके अनुसार उसका जन्म 1999 में हुआ है। लड़की ने केवल 10वीं क्लास तक की पढ़ाई की। उस समय मेजर गोगई ने भी पुलिस को बताया था कि अपने सूत्र से मुलाकात के लिए उन्होंने यह मीटिंग तय की थी।

 
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Major Leetul Gogoi was limelight tying man in front of jeep to save from stone pelters in trouble
लीतुल गोगोई - फोटो : फाइल
आपको बता दें कि भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई ने पिछले साल 9 अप्रैल को जब श्रीनगर में लोकसभा सीट के लिए उप चुनाव हो रहा था तो एक पोलिंग स्टेशन पर करीब 400-500 लोगों की भीड़ हाथ में डंडे और पत्थर लेकर उपद्रव कर रही थी। जिसके बाद सेना के कंपनी कमांडर मेजर लीतुल गोगोई ने एक उपद्रवी को पकड़कर अपनी जीप के बोनट पर बांध दिया। गुजरती गाड़ी से चेतावनी दी जा रही थी कि पत्थर फेंकने वालों का यही हाल होगा। जो पत्थर फेकेंगा उसे ऐसे ही जीप के बोनेट पर बांध दिया जाएगा। 

 
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Major Leetul Gogoi was limelight tying man in front of jeep to save from stone pelters in trouble
फाइल फोटो
जीप के पीछे एक बख्तरबंद गाड़ी भी गुजरती हुई दिखाई देती है। अपने ही साथी को जीप पर बंधा देखने के बाद पत्थरबाजों ने उनपर हमला नहीं किया था और पूरी टीम उस तनाव वाली जगह से सुरक्षित निकलने में सफल रही थी। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। सेना ने गोगोई पर जांच भी बैठाई थी। सेना ने बाद में कहा था कि उन्होंने अपनी टीम की सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया।

 
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