केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लॉकडाउन की सख्ती का असर दिखने लगा है। शुरुआती चरण मेें तेजी से सामने आए कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पिछले 11 दिन से रुक गया है। देश-दुनिया से अलग थलग रहने वाला लद्दाख चूंकि एयर कनेक्टिविटी पर ज्यादा निर्भर है। ऐसे में यहां कोरोना वायरस की महामारी से बड़ा संकट बना हुआ था। वर्तमान में लद्दाख की सभी सीमाएं सील हैं।
लद्दाख में रुकने लगा कोरोना का कहर, अबतक प्रशासन और लोगों ने जो किया वो किसी नजीर से कम नहीं
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कुल 13 पॉजिटिव मामलों में से तीन पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं जबकि दस मरीजों का उपचार चल रहा है। प्रशासन की सख्ती और लोगाें के सहयोग से अब पिछले 11 दिन से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लद्दाख के स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सचिव रिगजिन सैंफेल के अनुसार कोरोना की भावी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र से 100 वेंटिलेटर मंगाए गए हैं।
स्थानीय निवासी मुदसिर अहमद ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर गांव के लोगों ने एक कमेटी गठित की। इसमें फैसला लिया गया कि अगर गांव को कोरोना से बचाना है तो किसी को बिना हाथ धोए अंदर नहीं आने देना है चाहे वह बाहर वाला हो या फिर गांव का ही हो।यही नहीं इस फैसले को सुनिश्चित बनाने के लिए गांव के युवा अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। मुदसिर के अनुसार गांव की शुरुआत में ही पत्थरों पर और वहां बनी पानी की टंकी पर इस संबंधी संदेश भी लगा दिए गए हैं। हाथ धोने के लिए साबुन, हैंड सेनिटाइजर, आदि सामान भी रख दिया है।