नवंबर माह के पहली तारीख से 15 हजार भक्त वैष्णो माता के दर्शन कर सकेंगे। रियासी जिला प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने यह फैसला लिया है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या से जुड़ी बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। इस छूट से श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने के साथ कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।
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वैष्णो देवी
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शुक्रवार को यह छूट संबंधी आदेश प्रशासन की ओर से जारी कर दिया गया है। इससे पहले केवल दो हजार लोगों को प्रतिदिन यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। अनलॉक 5.0 तक इनकी संख्या सात हजार हो गई थी। अब इनकी संख्या 15 हजार कर दी गई है।
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श्री माता वैष्णो देवी
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श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के गठन के बाद पहली बार शारदीय नवरात्र में कोरोन महामारी के चलते श्रद्धालुओं की अब तक की सबसे कम संख्या रिकॉर्ड की गई। नहीं तो ये संख्या लाखों में होती थी।
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Vaishno Devi
- फोटो : अमर उजाला
यात्रियों की 14 दिन की होम क्वारंटीन की अनिवार्यता खत्म
बाहर से यात्रा कर जम्मू-कश्मीर में पहुंचने वाले लोगों के लिए 14 दिन की होम क्वारंटीन की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है। इसका फैसला मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रामान्यम की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास की राज्य कार्यकारी कमेटी ने लिया। इसके साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 15 हजार कर दी गई है। कमेटी के सदस्य सचिव सिमरनदीप सिंह ने बताया कि कंटेनमेंट जोन और इससे बाहर के क्षेत्रों के मामले में आठ अक्तूबर को जारी निर्देश ही तीस नवंबर तक जारी रहेंगे। फिलहाल इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। बताया कि कोई संशोधन की जरूरत होगी तो आपदा प्रबंधन की राज्य कार्यकारी कमेटी इसका फैसला बाद में लेगी।
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vaisho devi
- फोटो : अमर उजाला
2016 के बाद 2019 में सबसे ज्यादा भक्त पहुंचे
गौरतलब है कि वर्ष 2016 में शारदीय नवरात्र पर 242805, 2017 में 302057, 2018 में 318753 और 2019 में 364254 भक्तों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। अब तक नवरात्र के अवसर पर भक्तों की सबसे अधिक संख्या वर्ष 2019 में रही है।