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जानिए क्या है मिशन रीच आउट, जम्मू-कश्मीर में सेना ने इस अभियान को दी रफ्तार

Mon, 30 Dec 2019 11:39 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 30 Dec 2019 11:39 AM IST
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Know what is mission reach out, after removal of Article 370 army gave speed to mission reach out
भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सेना ने मिशन रीच आउट तेज कर दिया है। 370 हटने के बाद सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी। जिससे निपटने के लिए सेना ने मिशन चलाया ताकि लोगों का ध्यान न भटके और लोग शांति की राह पर चलें।

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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला

भारतीय सेना में जम्मू पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि केंद्र द्वारा लगभग पांच महीने पहले 370 हटने के बाद सेना ने लोगों को सहायता मुहैया कराने और नव गठित केंद्र शासित प्रदेश में शांति सुनिश्चित करने के लिए इस विशेष अभियान की शुरूआत की है।

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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला

हर एक मोर्चे पर सेना ने स्थानीय लोगों और छात्रों, युवाओं की मदद करने की कोशिश की। बेरोजगार युवाओं को उनका लक्ष्य हासिल करने में सहयोग किया। खेलों का आयोजन कर युवाओं का कौशल बढ़ाया। दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के घर तक चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराई।

 

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एलओसी - फोटो : फाइल, अमर उजाला

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है। संघर्षविराम का उल्लंघन कर वह आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में जुटा हुआ है। इस साल अभी तक पाकिस्तान ने 3200 से अधिक बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है, हर बार मात खाने के बाद भी पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।

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संघर्षविराम उल्लंघन - फोटो : अमर उजाला

सीमा पार से हुए इन संघर्षविराम उल्लंघनों में 36 भारतीय नागरिकों की जान चली गई। पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में जैश के प्रशिक्षण शिविर नष्ट किये जाने के बाद सीजफायर की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके बाद सैन्य अध्यक्ष और अन्य अफसर लगातार जम्मू कश्मीर आते रहे, ताकि लोगों और जवानों का हौसला कायम रहे।

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