जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार की शाम को प्री-मानसून की बारिश हुई। राजदान पास पर हल्की बर्फबारी हुई है। प्रदेश के कई इलाकों में धूल भरी आंधी चली। खराब मौसम के कारण श्री माता वैष्णो देवी धाम कटड़ा-सांझीछत चॉपर सेवा को शाम को निर्धारित समय से दो घंटे पहले बंद करना पड़ा।
Jammu Kashmir Monsoon: कई क्षेत्रों में प्री-मानसून ने दी राहत, जानें जम्मू कश्मीर में कब पहुंचेगा मानसून
Jammu Kashmir Monsoon : जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार की शाम को प्री-मानसून की बारिश हुई। राजदान पास पर हल्की बर्फबारी हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 जून तक कुछ हिस्समों में बरस सकते हैं बादल
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, आगामी 25 जून तक कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। लेकिन जम्मू संभाग के मैदानी इलाकों में अगले पांच दिन में लू का प्रभाव भी जारी रहेगा। जम्मू में लगातार दिन का पारा 42 से 44 डिग्री के बीच चल रहा है। श्रीनगर में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई, लेकिन बाहरी क्षेत्रों में तेज बारिश से पारे में गिरावट आई है। श्रीनगर में दिन का तापमान 29.5 और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि कश्मीर में रात्रि में ठंडक कायम है।
कठुआ में अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन शाम को दूसरे दिन भी बारिश हुई है। रियासी में हल्की बारिश हुई है। जम्मू में शाम को मौसम बदलने के साथ तेज हवाएं चल रही थीं। लेकिन यहां दिनभर शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी से हर कोई परेशान रहा। बिजली कटौती ने आग में घी डालने का काम किया।
प्रचंड गर्मी को देखते हुए शहर के अधिकांश बाजार गर्मियों की छुट्टियों के कारण बंद हो गए हैं। जिससे आगामी सोमवार को ही प्रतिष्ठान खुलेंगे। जम्मू में अधिकतम तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री चढ़कर 43.8 और न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू संभाग के अधिकांश जिलों में दिन का पारा सामान्य से 4 से 7 डिग्री ऊपर चल रहा है। बनिहाल में अधिकतम तापमान 31.9, बटोत में 32.1, कटड़ा में 40.7 और भद्रवाह में 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में अधिकतम तापमान 26.8 और न्यूनतम 10.2 तथा कोकरनाग में अधिकतम तापमान 30.1 व न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डा. मुख्तियार अहमद के अनुसार जब गर्मियों के पीक सीजन में लंबे समय तक शुष्क मौसम (ड्राई स्पेल) रहता है तो उस समय लू का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे पहले भी जम्मू समेत अन्य हिस्सों में अधिकतम तापमान अधिक रहा है। कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में गर्मी बढ़ने का भी यही कारण है। हालांकि जलवायु परिवर्तन सहित अन्य कारणों से वैश्विक स्तर पर तापमान में उछाल को भी नकारा नहीं जा सकता है। पिछले साल सितंबर में भी अधिक गर्मी झेलनी पड़ी थी। उम्मीद है कि आगामी मानसून से हालात सामान्य हो जाएंगे।
जून महीने में सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि 12 से 18 जून के बीच मानसून में कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके चलते जून के महीने में भारत में सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून पहुंच सकता है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर...