उपराज्यपाल से लेकर मुख्य सचिव और अन्य अधिकारी आए दिन कोविड एसओपी पर सख्ती के दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट हैं। सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में कोविड एसओपी की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। समाज में एक बड़ा वर्ग मास्क से परहेज कर रहा है। कहीं सामाजिक दूरी का पालन नहीं दिख रहा है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी 25 से अधिक संख्या में लोगों की भीड़ को देखा जा रहा है। कोविड विशेषज्ञों के अनुसार आगामी त्योहारी सीजन में ऐसे ही हालात बने रहने पर तीसरी लहर की आशंका बढ़ जाएगी। बाजारों की बात करें तो अधिकतर जगह दुकानदार ही मास्क से परहेज करते दिख रहे हैं। दुकानदारों को देखकर ग्राहक भी मास्क लगाना भूल गए हैं। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफसर डॉ. संदीप डोगरा ने बताया कि कोविड उचित व्यवहार का हर हाल में पालन करवाना जरूरी है। इसके लिए संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को सक्रियता बढ़ानी चाहिए। इसके साथ खुद लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। पिछले दो लहरों में भी हमने देखा कि सक्रिय मामलों का स्तर न्यूनतम पर चला गया था, जिसके बाद अचानक मामलों में बढ़ोतरी हुई और पीक पर रहा।
जम्मू-कश्मीर: सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं, सख्ती सिर्फ कागजों तक सीमित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 03 Sep 2021 11:00 PM IST
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