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जम्मू-कश्मीर बना प्रवासी श्रमिकों की पहली पसंद, जानिए क्या है वजह

Sat, 01 May 2021 04:07 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sat, 01 May 2021 04:07 PM IST
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Jammu and Kashmir is the first choice of migrant workers, know what is the reason
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में पिछली सरकार द्वारा कौशल विकास के प्रति गंभीरता नहीं होने से प्रदेश में कुशल श्रमिकों की कमी है। यहां की औद्योगिक, निर्माण, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में अधिकांश कुशल श्रमिक प्रवासी हैं। औद्योगिक क्षेत्र में 70 से 75 प्रतिशत तक दैनिक मजदूर स्थानीय हैं, लेकिन कुशल श्रमिक की संख्या एक प्रतिशत भी नहीं। ऐसे में प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर हैं। जम्मू-कश्मीर पिछले कुछ समय से प्रवासी श्रमिकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। प्रदेश में हर वर्ष लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। निर्माण कार्य और कृषि क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर है।
Jammu and Kashmir is the first choice of migrant workers, know what is the reason
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू, कठुआ, सांबा, श्रीनगर, शोपियां, पुलवामा में होने वाली कृषि गतिविधियों में अधिकांश श्रमिक प्रवासी होते हैं। पिछले वर्ष लॉकडाउन के चलते जब प्रवासी श्रमिक वापस अपने राज्यों को लौटे थे तो कृषि क्षेत्र काफी प्रभावित हुआ था। बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित महाजन ने कहा कि प्रदेश में कुशल श्रमिकों की कमी जरूर है, अद्यौगिक इकाइयों में कुशल श्रमिक बाहरी राज्यों से होते हैं।
Jammu and Kashmir is the first choice of migrant workers, know what is the reason
- फोटो : अमर उजाला
इसके पीछे का कारण श्रमिकों के कौशल विकास पर ध्यान न देना है। उन्होंने कहा कि अब सरकार कौशल विकास को महत्व दे रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेंगे।
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Jammu and Kashmir is the first choice of migrant workers, know what is the reason
- फोटो : अमर उजाला
अद्यौगिक क्षेत्र की बात करें तो 75 प्रतिशत तक दैनिक श्रमिक स्थानीय हैं, लेकिन कुशल श्रमिकों की संख्या में स्थानीय श्रमिकों की संख्या कम हो जाती है। प्रदेश में न तो प्रवासी और न ही स्थानीय कामगारों के कौशल को बढ़ाने की कोई योजना है।
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labour migration - फोटो : net
श्रमिकों के कौशल विकास अपग्रेड करने के लिए श्रम विभाग की ओर से कोई विशेष कार्यक्रम या नीति नहीं है। प्रदेश के श्रमिकों के लिए जम्मू-कश्मीर बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड है। बोर्ड से पंजीकृत श्रमिकों को वित्तीय मदद दी जाती है। -सरिता चौहान, आयुक्त सचिव श्रम विभाग

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