दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के मीर बाजार इलाके से सुरक्षा बलों ने शनिवार को पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह को लश्कर-ए-ताइबा व हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया। डीएसपी श्रीनगर एयरपोर्ट पर एंटी हाइजैकिंग स्कावायड में तैनात है। तीनों को एक कार से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान कार से दो एके 47 राइफल बरामद की गईं।
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संसद हमले में भी जम्मू-कश्मीर के इस डीएसपी का आया था नाम, मिल चुका है राष्ट्रपति पुलिस पदक
Sun, 12 Jan 2020 08:35 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 12 Jan 2020 08:35 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : बासित जरगर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आपको बता दें कि साल 2001 में संसद पर हुए हमले में भी डीएसपी देविंदर सिंह का नाम उछला था। अफजल गुरु ने जेल से अपने वकील को लिखे पत्र में डीएसपी देविंदर सिंह का नाम लिया था। पत्र में लिखा गया कि बडगाम के हुमहामा में तैनात डीएसपी ने संसद के हमलावरों में शामिल मोहम्मद को उस पर दिल्ली ले जाने का दबाव बनाया था। उसे मोहम्मद के लिए किराए पर घर और कार खरीद कर देने को मजबूर किया गया। 9 फरवरी 2013 को अफजल को फांसी दिए जाने के बाद इस पत्र का खुलासा अफजल गुरु के घरवालों ने किया था।
Indian security forces
घाटी से बाहर निकालना चाहता था डीएसपी
बताते हैं कि गाड़ी में सवार सभी पगड़ी डाले हुए थे ताकि किसी को शक न होने पाए। इनके चंडीगढ़ जाने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है कि डीएसपी इन आतंकियों को घाटी से बाहर निकालने की फिराक में था। फिलहाल, पुलिस सारी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश में जुटी हुई है।
बताते हैं कि गाड़ी में सवार सभी पगड़ी डाले हुए थे ताकि किसी को शक न होने पाए। इनके चंडीगढ़ जाने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है कि डीएसपी इन आतंकियों को घाटी से बाहर निकालने की फिराक में था। फिलहाल, पुलिस सारी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश में जुटी हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिला था, फिरौती मांगने पर एसओजी से हटाया गया था
एयरपोर्ट पर तैनात डीएसपी को गत 15 अगस्त को राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला था। आतंकवाद के खिलाफ सफल आपरेशन चलाने के लिए एसओजी में तैनाती के दौरान आउट आफ टर्न प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर से डीएसपी बनाया गया। बाद में फिरौती मांगने की शिकायत पर एसओजी से हटाने के साथ ही निलंबित किया गया था। लेकिन बाद में बहाल कर श्रीनगर पुलिस कंट्रोल रूप में तैनात कर दिया गया। यहां से पिछले साल श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात किया गया।
एयरपोर्ट पर तैनात डीएसपी को गत 15 अगस्त को राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला था। आतंकवाद के खिलाफ सफल आपरेशन चलाने के लिए एसओजी में तैनाती के दौरान आउट आफ टर्न प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर से डीएसपी बनाया गया। बाद में फिरौती मांगने की शिकायत पर एसओजी से हटाने के साथ ही निलंबित किया गया था। लेकिन बाद में बहाल कर श्रीनगर पुलिस कंट्रोल रूप में तैनात कर दिया गया। यहां से पिछले साल श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात किया गया।
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फाइल फोटो
नवीद कई पुलिसकर्मियों की हत्या में है शामिल
आतंकी नवीद शोपियां इलाके में कई पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल रहा है। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सेब की खरीद के लिए बाहरी राज्यों से पहुंचे ट्रक चालकों की शोपियां में हत्या की घटनाओं में भी शामिल था। शोपियां में वह डीएसपी आशिक टाक के वाहन पर हमले में भी शामिल था, जिसमें तीन पीएसओ तथा ड्राइवर की मौत हो गई थी। बटगुंड में तीन अन्य पीएसओ की हत्या में भी वह शामिल रहा था।
आतंकी नवीद शोपियां इलाके में कई पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल रहा है। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सेब की खरीद के लिए बाहरी राज्यों से पहुंचे ट्रक चालकों की शोपियां में हत्या की घटनाओं में भी शामिल था। शोपियां में वह डीएसपी आशिक टाक के वाहन पर हमले में भी शामिल था, जिसमें तीन पीएसओ तथा ड्राइवर की मौत हो गई थी। बटगुंड में तीन अन्य पीएसओ की हत्या में भी वह शामिल रहा था।