भारतीय क्षेत्र में सामरिक हलचल की जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हनीट्रैप गैंग तैयार किया है। पिछले सात वर्ष से पाकिस्तान ने हनीट्रैप गैंग पर खास तवज्जो दी है। फरार्टेदार अंग्रेजी बोलने वाली पढ़ी लिखी युवतियां इस गैंग में शामिल की गईं हैं। इन हसीनाओं को सोशल मीडिया पर उतार कर भारतीय सुरक्षाबलों को फांसने की लगातार कोशिश की जा रही है।
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आईएसआई ने जैश के साथ तैयार किया 60 हसीनाओं का हनीट्रैप गैंग, सुरक्षाबल हैं निशाने पर
Sun, 12 Jan 2020 07:50 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 12 Jan 2020 07:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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भारतीय क्षेत्र में सामरिक हलचल की जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हनीट्रैप गैंग तैयार किया है। पिछले सात वर्ष से पाकिस्तान ने हनीट्रैप गैंग पर खास तवज्जो दी है। फरार्टेदार अंग्रेजी बोलने वाली पढ़ी लिखी युवतियां इस गैंग में शामिल की गईं हैं। इन हसीनाओं को सोशल मीडिया पर उतार कर भारतीय सुरक्षाबलों को फांसने की लगातार कोशिश की जा रही है।
women militant
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सूत्रों के अनुसार, हनीट्रैप के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पिछले सात साल से काम कर रही है। पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद के सोहनी नाला के पास आईएसआई ने आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के साथ मिलकर 60 लड़कियों को हनीट्रैप के मंसूबे के लिए चुना।
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वर्ष 2012 में इस दल को ट्रेनिंग देना शुरू किया गया। हर दो साल में 20 लड़कियों को ट्रेनिंग दी गई। इसके लिए खूबसूरत चेहरों के साथ स्नातक से ऊपर की पढ़ाई और तकनीकी डिग्रियां रखने वाली लड़कियों को चुना गया। पहले छह महीने इनको हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी गई और अगले डेढ़ साल तक साइबर की जानकारी दी गई।
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आतंकी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू बोलने वाली यह लड़कियां आईएसआई का नया हथियार हैं। इन्हें जम्मू कश्मीर, पंजाब, दिल्ली, कोलकाता जैसे राज्यों के युवाओं को फांसकर उनसे बीएसएफ और सेना की कई तरह की जानकारियां लेने के लिए तैयार किया गया है। ऐसे सैकड़ों युवाओं को आईएसआई हनीट्रैप के जरिए फंसा कर पहले उनसे जानकारी लेने और फिर हमले करने की फिराक में हैं।
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भारतीय सेना
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रडार पर हैं आतंकियों की पत्नियां
सूत्रों का कहना है कि कई आतंकी पाकिस्तान में हैं। जिनकी पत्नियां जम्मू कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में रह रही हैं। कश्मीर के कई आतंकियों ने पाकिस्तान की रहने वाली महिलाओं से शादी की और फिर नेपाल के रास्ते आकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से कई आतंकी जेलों में हैं। कई आतंकियों की पत्नियों की गतिविधियां भी खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं।
सूत्रों का कहना है कि कई आतंकी पाकिस्तान में हैं। जिनकी पत्नियां जम्मू कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में रह रही हैं। कश्मीर के कई आतंकियों ने पाकिस्तान की रहने वाली महिलाओं से शादी की और फिर नेपाल के रास्ते आकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से कई आतंकी जेलों में हैं। कई आतंकियों की पत्नियों की गतिविधियां भी खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं।