भारतीय सेना ने वीरवार को पाकिस्तान को एक बार फिर उसी की भाषा में जवाब दिया है। पाकिस्तान की नापाक साजिश के बाद हिंदुस्तान की जवाबी कार्रवाई के दौरान 5 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि भारतीय सुरक्षाबलों ने पहली बार पाक को ऐसा करारा जवाब दिया हो। जानें कौन से हैं वो 5 मौके जब सेना के पराक्रम के आगे ध्वस्त हो गए पाकिस्तानी मंसूबे।
वो 5 बड़े मौके जब पाकिस्तान को दिया गया मुंहतोड़ जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
24 सेकेंड में उड़ा दी गईं 10 पाकिस्तानी चौकियां
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को समर्थन देने और दो सैनिकों की बर्बरतापूर्वक हत्या का बदला ले लिया है। सेना ने कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की एक चौकी को तबाह कर दिया है। सेना ने इस कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है। ये वीडियो 24 सेकेंड का है। वीडियो में दिखाया गया है कि इतने कम समय में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की 10 चौकियों को तबाह कर दिया था।
29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पैरा कमांडोज ने एलओसी पार करते हुए कई आतंकी कैंपों को ध्वस्त कर दिया था। बारामुला के उड़ी सेक्टर में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद एक बड़ी जवाबी कार्रवाई करते हुए आर्मी की स्पेशल फोर्स के कमांडोज द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की गई। इस दौरान एलओसी पार सेना के इस आपरेशन के दौरान 30 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया था।
पाकिस्तान की ओर से अक्टूबर 2016 में हुई सीजफायर की घटनाओं के बाद सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों के द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई थी। पाकिस्तान की ओर से सुंदरबनी और नौशेरा में गोलाबारी की इन घटनाओं के बीच जवानों द्वारा माकूल जवाब की कार्रवाई की गई। इस जवाबी कार्रवाई के बाद सीमा पार 15 पाक रेंजर्स को मार गिराया गया था।
इससे पहले 18 अप्रैल को भी एलओसी पर नौशेरा क्षेत्र के लाम सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलाबारी का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया था। जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार पाक सैनिकों को मार गिराने का दावा किया था। पाकिस्तान ने रविवार को लाम सेक्टर के नियंत्रण रेखा के पास बसने वाले गांवों बाबा खोड़ी, मानपुर, डनका, लंगर, कलसिया, नभ, कडाली, सेर, मकड़ी, भवानी, झांगड़ और सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाकर मोर्टार के गोले दागे गए थे जिसके जवाब में सेना की ओर से ये बड़ी कार्रवाई की गई।