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Ground Report Sunjwan Attack: गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों से खुली नींद, पता चला घर में घुसे हैं आतंकी, जानें लोगों की जुबानी

Sat, 23 Apr 2022 02:40 AM IST
विमल शर्मा अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 23 Apr 2022 02:40 AM IST
सार

आतंकी हमले के बाद मौके पर हुई फायरिंग के बीच लोग सहम गए। मुठभेड़ शुरू होते ही सेना ने सुंजवां के आसपास के घरों से लोगों को सुरक्षित निकालकर दूसरी जगह पहुंचाया। इस बीच मुठभेड़ को पास से देखने वाले छह परिवार दहशत में रहे। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा मंजर देखा, पुलिस और सेना के जवान तुरंत नहीं पहुंचते तो जान जा सकती थी। उन्होंने सबकी जान बचा ली। 

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Ground Report Sunjwan Attack: People said army and police personnel saved their lives
सुंजवां मुठभेड़ के चश्मदीद - फोटो : अमर उजाला

आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के गवाह बने छह परिवारों के सदस्यों के चेहरे पर अभी भी दहशत साफ नजर आ रही है। तड़के तीन बजे गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों से इन लोगों की आंख खुली। इन छह परिवारों में से एक मो. अनवर मलिक के घर के परिसर में आतंकी एक शौचालय में छुपे हुए थे। दूसरा परिवार अनवर के साथ के घर में रहने वाले तहसीलदार और तीसरा परिवार अनवर मलिक के घर की पिछली तरफ बीडीसी सदस्य रशीद मलिक का है। बाकी के तीन परिवार मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जो अनवर के घर के सामने बनी तीन झुग्गियों में रहते हैं। खौफजदा इन परिवारों के सदस्यों ने कहा, इतना खौफनाक मंजर पहली बार देखा। सेना ने हमारी जान बचा ली।

Ground Report Sunjwan Attack: People said army and police personnel saved their lives
Sunjwan terrorist attack - फोटो : एजेंसी

खौफनाक मंजर के गवाह छह परिवार

सुबह 6 बजे बहन के मोबाइल नंबर से फोन आया। सेना के एक अफसर ने बात की। बताया कि उसके घर में आतंकी छुपे हैं। अफसर ने कहा, आप घबराएं नहीं, हम आपके परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लाएंगे। यह सुनकर मेरे होश उड़ गए। हमारे तीन अलग-अलग घर हैं। मैं दूसरे घर में था और जिस घर में आतंकी घुसे थे, वहां मेरी पत्नी और दो बेटियां थीं। समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। ठीक 7 बजे सेना मेरी पत्नी और बेटियों को घर से बाहर निकाल कर ले आई।  -मोहम्मद अनवर मलिक

 

Ground Report Sunjwan Attack: People said army and police personnel saved their lives
Sunjwan terrorist attack - फोटो : एजेंसी

धमाके से खुली नींद, सेना ने बचाई जान

झुग्गियों में रहने वाले मध्य प्रदेश के शतगुरु अहरवाल और उनकी पत्नी विद्या का कहना है कि हम लोग सो रहे थे। सुबह 3 बजे का वक्त होगा। अचानक से गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों की आवाज आने लगी। हमें लगा कि आज नहीं बच पाएंगे। एक घंटे तक वे रोते बिलखते रहे। सुबह 4 बजे के करीब सेना के जवान हमारी झुग्गियों में आए और हमें बाहर निकाल कर ले गए, लेकिन इसके पहले एक गोली उनकी झुग्गी के बाहर आकर लगी थी। उनके साथ ही दो और झुग्गियां हैं। सेना के जवानों ने हम तीनों परिवारों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला और दूसरे स्थान पर ले गए। यदि सेना नहीं होती तो पता नहीं क्या होता। वह लोग बच भी पाते या नहीं। 

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Ground Report Sunjwan Attack: People said army and police personnel saved their lives
Sunjwan terrorist attack - फोटो : Sunjwan terrorist attack

लगा बाहर पटाखे चल रहे हैं

सहरी के लिए अभी उठी ही थी कि तड़तड़ाहट की आवाज आने लगी। मुझे लगा कोई पटाखे फोड़ रहा है। घर से बाहर निकल कर गेट तक भी पहुंची। सामने देखा तो सेना के जवान खड़े थे। उन्होंने कहा कि वह अपने कमरे में चले जाएं। कुछ देर के बाद सेना के जवान आए और उन्हें पिछली तरफ से घर से बाहर जाने को कहा। मुझे और मेरे बच्चों को जवानों ने दीवार फांदकर बाहर निकाला। मेरे पति इम्तियाज मिर्जा राजोरी जिले की दरहाल तहसील के तहसीलदार हैं। - पूनम मिर्जा

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Sunjwan terrorist attack - फोटो : एजेंसी

ऐन मौके पर पहुंच जवानों ने बचा लिया

हम लोग सो रहे थे कि अचानक से गोलियों और धमाकों की आवाजें आने लगीं। घर में मेरे पापा, बच्चे और अन्य लोग मौजूद थे। एक गोली मेरे कमरे के शीशे में आकर लगी। समझ तो आ गया था कि आतंकी हमला हो गया है। उन्हें लग रहा था कि आतंकी अब उनके घर में घुसने वाले हैं, लेकिन सेना के जवान वक्त पर आ गए और उनको घर से सुरक्षित बाहर निकाल कर दूसरी जगह ले गए। सेना का शुक्रिया, जिसकी वजह से हम बच गए। मेरी स्कार्पियो और जेसीबी भी ग्रेनेड फेंकने और गोलीबारी में क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन तो फिर आ जाएंगे। जान बचाने के लिए हम सेना के बेहद शुक्रगुजार हैं। ऐसा खौफनाक मंजर पहले नहीं देखा। -जुल्फिकार मलिक, बीडीसी सदस्य रशीद मलिक का बेटा

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