कट्टरपंथी अलगाववादी और हुर्रियत (जी) के पूर्व प्रमुख सैय्यद अली शाह गिलानी का बुधवार देर रात निधन हो गया। देर रात लगभग साढ़े 10 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। वे 2008 से लगातार हैदरपोरा स्थित आवास पर नजरबंद थे। गिलानी ने सदैव भारत के खिलाफ जहर उगला। इतना ही नहीं वह खुद को मजबूरी में भारतीय बताते थे, हालांकि मरने के बाद उनको भारत की मिट्टी में ही दफनाया गया।
Syed Ali Shah Geelani Death: पाकिस्तान के प्रेम में न जाने क्या-क्या बोले, कभी सलमान खान को लताड़ा तो कभी कहा- मैं मजबूरी में भारतीय हूं
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सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाली हुर्रियत कांफ्रेंस ने कहा कि आपदा से परेशान धरती के लोग दुख को कम करने में जुटे हैं और ऐसे में सिनेमा हाल खोलने का मुद्दा कोई महत्व नहीं रखता। सलमान की नसीहत पर हुर्रियत के प्रवक्ता एयाज अकबर ने कहा था कि सरकार सिनेमा हाल खोलने जैसे गैर गंभीर विषयों की बजाय गंभीर मानवीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। जो समय की जरूरत है। सलमान द्वारा कश्मीर की बजाय देश का ब्रांड एंबेसडर बनने की बात भी अलगाववादियों के गले नहीं उतर रही।
इसी साल गिलानी ने एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं मजबूरी में भारतीय हूं, जन्म से नहीं। हालांकि सैयद अली शाह गिलानी को एक समय खुद को भारतीय बताना ही पड़ा जब विदेश जाने के लिए पासपोर्ट की औपचारिकताएं पूरी की गईं। पासपोर्ट के लिए राष्ट्रीयता वाले कालम में गिलानी ने स्वयं को भारतीय बताया था।