धर्मार्थ ट्रस्ट ने पूरे जम्मू-कश्मीर में अपने सभी मंदिर, धर्मस्थल को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है। हालांकि, पूजा-पाठ और आरती होती रहेगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष मुबारक सिंह ने बताया कि श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर के साथ जम्मू में रघुनाथ व रणबीरेश्वर मंदिर को भी बंद कर दिया गया है। श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है। शुक्रवार को लाउडस्पीकर से सूचना प्रसारित की गई कि कोरोना के प्रकोप के चलते लोग घरों में ही नमाज पढ़ें। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
कश्मीर में कोरोनाः शंकराचार्य मंदिर बंद, हजरतबल में नमाज पर रोक, फारूक अब्दुल्ला ने की ये अपील
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उलेमाओं और सामुदायिक नेताओं से आग्रह किया है वह सभी कोरोना वायरस के खतरे से निपटने में सरकार का सहयोग करें। ऐसी विपरीत स्थिति में धार्मिक विद्वानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनका समाज में विशेष स्थान होता है अत: इस महामारी से निपटने में उन्हें मदद करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिहाड़ी कमाने वालों के सामने सबसे बड़ा संकट है। पाबंदियों से इनके समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है। पांच अगस्त को लागू की गई पाबंदियों के बाद इन लोगों पर पहले से ही प्रभाव पड़ा है। ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए विशेष रूप से कुछ समय के लिए बकाया राशि माफ कर देनी चाहिए। उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिनकी आजीविका वर्तमान चिंताजनक स्थिति के कारण प्रभावित हुई है। उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में एक मजबूूत पहल करेगी।
वहीं कोरोना वायरस के निपटने के एहतियाती कदमों का प्रभाव जुमे की नमाज के दौरान भी दिखाई दिया। कुछ स्थानों पर नमाज की अवधि घटा दी गई और तकरीरों का समय भी घटा दिया गया। जहां नमाज अदा की गई वहां भी लोगों की संख्या काफी कम थी। हालांकि शिया प्रभाव वाले इलाकों में नमाज नहीं पढ़ी गई।
शहर के नौहट्टा क्षेत्र में जामिया मस्जिद सहित कई मस्जिदों में शुक्रवार को नमाज अदा की गई। जिन मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई वहां लोगों की संख्या काफी कम थी। दो प्रमुख संगठनों ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन और जमीयत अहले हदीस ने कोरोनो वायरस के मद्देनजर जम्मू और कश्मीर में जुमे की नमाज, मजलिस व किसी भी प्रकार के जलसे के आयोजन को अगले प्रशासनिक आदेश तक स्थगित कर दिया है।