कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पहले के मुकाबले बच्चों को ज्यादा संक्रमित कर रही है। ऐसे में बच्चों को घर से बाहर लेकर नहीं जाना चाहिए। बहुत जरूरी घर से बाहर जाना पड़े तो डबल मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। जम्मू संभाग के सबसे बड़े शिशु रोग अस्पताल के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सैनी ने कहा कि कोरोना काल में बच्चों को लेकर अभिभावकों को खासतौर से सतर्क रहकर उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा करनी है।
डरें मत, कोरोना को ऐसे हराएं: बच्चों को ज्यादा संक्रमित कर रही है संक्रमण की दूसरी लहर
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उन्होंने कहा कि अगर घर में कोई संक्रमित है तो बच्चों को तत्काल उनसे दूर करना बेहद जरूरी है। भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों और शादी ब्याह के मौके पर बच्चों को न लेकर जाएं तो ही बेहतर है।
डॉ. सैनी ने कहा कि बच्चों में कोविड के लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। कुछ दिनों तक बुखार बना रहे, त्वचा पर चकते दिखें, आंखें लाल हो जाएं, उल्टी हो, होंठ फट जाएं या नीले पड़े तो तत्काल बच्चे का कोविड टेस्ट करवाना चाहिए। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संयम बरते और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे का उपचार करवाएं।
डॉक्टर की सलाह पर बच्चे का घर पर ही उपचार करना है या अस्पताल में भर्ती करवाना है वह निर्भर करता है। अस्पताल में संक्रमित बच्चे के साथ उसकी मां को कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए बच्चे के साथ रहने की अनुमति मिल जाती है।
- बच्चों को घर के अंदर ही रखें
- अभिभावक बाहर से आकर पहले हाथ-मुंह धोएं, फिर बच्चों के पास जाएं
- बच्चों को आइसक्रीम, दही या ठंडे पदार्थ ज्यादा खाने को न दें
- बच्चों के मुंह का स्वाद खत्म हो जाए तो सतर्क हो जाएं
- बच्चों को भीड़ में न खेलने दें
- बिना मास्क बच्चों को बाहर लेकर कभी न जाएं