भाजपा के विरोध को दरकिनार कर रियासत सरकार ने कश्मीर हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए पत्थरबाजों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल भाजपा ने प्रदेश कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित कर इसका विरोध किया था।
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महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यह साफ कर दिया है कि हिंसा में हुई मौतों की जांच के लिए आयोग का गठन नहीं होगा। उन्होंने न्यायिक जांच की मांग को भी खारिज कर दिया है। जांच के लिए सिट का गठन कर दिया गया है। इस बाबत पुलिस मुख्यालय की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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पीडीपी की अध्यक्षता महबूबा मुफ्ती
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गृह विभाग की अनुदान मांगों में कटौती प्रस्तावों के उत्तर में महबूबा ने कहा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पांपोर में हुई सिविलियन की मौत की जांच के लिए गठित स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करेंगे। इस बाबत दक्षिण कश्मीर के डीआईजी को निर्देश दिए गए हैं।
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kashmir
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इसी तरह करण नगर पुलिस स्टेशन के दायरे में नागरिक की मौत की जांच के लिए श्रीनगर के पुलिस अधीक्षक ( साउथ) को सिट टीम का मुखिया बनाया गया है। इस संबंध में सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी को निर्देश दिए गए हैं। कश्मीर के अन्य जिलों में हिंसा में हुई मौतों की जांच के लिए गठित सिट का नेतृत्व डिप्टी पुलिस अधीक्षक करेंगे।
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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हिंसा में मारे गए पत्थरबाजों के परिवार को मुआवजा देने के लिए प्रभावितों की पहचान के लिए डीजीपी की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। इस कमेटी में वित्त सचिव और सीआईडी आईजी सदस्य होंगे।