जम्मू में आज दिवाली के पर्व जैसा माहौल है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में अगवा किए गए जवान राकेश्वर सिंह को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। राकेश्वर सिंह की रिहाई के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। भारत माता के जयकारे लगाए जा रहे हैं। घर का हर एक सदस्य बहुत ही प्रसन्न नजर आ रहा है। पिता की रिहाई की खबर मिलते ही पांच साल की बेटी चहकने लगी। उसने कहा कि अब पापा जल्द ही घर आएंगे। साथ ही राकेश्वर के पड़ोसी और शहर के लोग अपनी-अपनी तरह से खुशी का इजहार कर रहे हैं।
कोबरा कमांडो की रिहाई के बाद जम्मू का माहौल: चहकने लगी बिटिया, पत्नी ने कही ये बात
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बेटे की रिहाई पर राकेश्वर सिंह मन्हास की मां कुंती देवी ने कहा कि हम बहुत ज्यादा खुश हैं। जो हमारे बेटे को छोड़ रहे हैं उनका भी धन्यवाद करती हूं। भगवान का भी धन्यवाद करती हूं। जब सरकार की बात हो रही थी तो मुझे थोड़ा भरोसा तो था परन्तु विश्वास नहीं हो रहा था। वहीं राकेश्वर की पत्नी ने कहा कि ईश्वर ने हम सबकी फरियाद सुन ली। इस दौरान उन्होंने सरकार को धन्यवाद दिया।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर तीन अप्रैल को नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस हमले में सुरक्षाबलों के 22 जवान शहीद हो गए थे। मुठभेड़ के बाद से कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास लापता थे। बाद में पता चला कि नक्सलियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। अगवा होने की खबर सामने आने के बाद से ही जम्मू स्थित उनके परिवार के सदस्य लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी रिहाई को लेकर गुहार लगा रहे थे। बुधवार को ही राकेश्वर सिंह को नक्सलियों के कब्जे से छुड़ाने के लिए खौड़ के गांव पगांली, भोरपुर, दानपुर, मट्टू, चक मलाल सहित अन्य कई गांवों के लोगों ने प्रदर्शन किया था।
इस दौरान गांव मट्टू पुली के पास अखनूर-पलांवाला मुख्य मार्ग को बंद रखा गया था। इससे पहले गत सोमवार को सुकमा के एक पत्रकार ने राकेश्वर सिंह के नक्सलियों के कब्जे में होने का दावा किया था।
नक्सली संगठन पीएलजीए ने सुरक्षा बलों से मुठभेड़ के दौरान 14 हथियार, 2,000 से ज्यादा कारतूस और बहुत सारा अन्य साजोसामान हाथ लगने का भी दावा किया था साथ ही उन हथियारों व कारतूसों के फोटो भी जारी किए थे।