गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर को दहलाने की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने बुधवार को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकी गिरफ्तार किए। इनसे भारी मात्रा में विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इनके पास से विस्फोटक से भरे जैकेट भी बरामद हुए हैं। इस बीच पुलवामा में लश्कर-ए-तैयबा का भी एक मददगार गिरफ्तार किया गया है।
श्रीनगरः पकड़े गए जैश के पांच आतंकियों से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, विस्फोटकों से भरे जैकेट बरामद
डीआईजी मध्य कश्मीर रेंज बीके बिर्दी ने बताया कि पकड़े गए जैश आतंकियों से 300 जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर, हथियार, बैटरी और नाइट्रिक एसिड बरामद किया गया है। सभी हाल में हुए आतंकी हमलों के साथ ही आईईडी विस्फोट में भी शामिल रहे हैं। बताया, आठ जनवरी को हजरतबल इलाके के हब्बाक क्रॉसिंग पर ग्रेनेड हमला हुआ था, जिसमें कुछ नागरिकों को मामूली चोटें पहुंची थीं। जांच के दौरान दो संदिग्धों ड्राइवर एजाज अहमद शेख और वेंडर उमर हमीद शेख को गिरफ्तार किया गया।
दोनों ने हमले में अपनी संलिप्तता कबूल की है। साथ ही 26 नवंबर, 2019 को हुए हमले के बारे में भी जानकारी दी। छापामारी कर तीन अन्य संदिग्धों इम्तियाज अमद चिकला उर्फ इमरान (स्पोर्ट्स सामानों का दुकानदार), साहिल फारूक गोजरी (प्राइवेट नौकरी)और कारोबारी नसीर मीर को गिरफ्तार किया। ये सभी हजरतबल के रहने वाले हैं।
इस बीच पुलवामा जिले के अवंतीपोरा से पुलिस ने लश्कर के मददगार डंगरपोरा-पदगामपोरा के इशफाक अहमद डार उर्फ माहिद को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वह इलाके में लोगों को धमकाने और अवैध वसूली करने के मामले में वांछित था। इसके साथ ही वह अवंतीपोरा इलाके में सक्रिय लश्कर आतंकियों को सुविधाएं मुहैया कराता था।
डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए जैश के आतंकियों ने पूछताछ में बताया कि शहर के माहौल को खराब करना और पांच अगस्त के बाद बीच-बीच में होने वाले बंद को प्रभावी बनाना उनका मकसद था। ये सभी अन्य आतंकी घटनाओं और आईईडी विस्फोट की भी योजना बना रहे थे।