बसंत रथ का विदाई पत्र: वैद के गुणगान, राजिंदरा की खिंचाई, दिलबाग का नाम तक नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसंत ने लिखा- मैं शुक्रगुजार हूं एसडी सर (मौजूदा आईजी जम्मू एसडी सिंह जमवाल) का, जिन्होंने उनके पैर खींच लिए। बसंत ने जम्मू कश्मीर के युवाओं को उन पर भरोसा करने और ध्यान देने पर भी शुक्रिया किया। बसंत ने कहा कि 2032 तक मैं यहीं हूं, जम्मू-कश्मीर में। मेरे लिए कोई डेपुटेशन नहीं है। बसंत ने प्रतिनियुक्ति की पोस्टिंग पद पर तंज कसते हुए कहा- दिल्ली बहुत प्रदूषित है। सोशल मीडिया पर इस तरह का विदाई पत्र जारी करने वाले रथ पहले आईपीएस हैं।
रथ ने जमवाल की जमकर तारीफ करते हुए लिखा कि एसडी सर के बिना वह अपना बेहतर नहीं दे पाते। पुंछ में अपनी पोस्टिंग को भी रथ ने जमवाल का कर्जदार बताया। रथ के इस खुलासे से साफ पता चलता है कि पुलिस महकमे में आईपीएस अधिकारियों के बीच सब कुछ ठीकठाक नहीं। एक तरफ रथ ने मौजूदा आईजी की तारीफों के पुलिंदे बांध दिए। दूसरी तरफ पूर्व डीजीपी पर हमला कर दिया। पूरी पोस्ट में मौजूदा डीजीपी दिलबाग सिंह के नाम का जिक्र तक नहीं किया। पूर्व डीजीपी के राजिंदरा से अमर उजाला ने फोन कर इस मामले में बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
वैद पर फिदा
बसंत जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद पर फिदा दिखे। उन्होंने लिखा- बिना वैद साहब के मैं अपनी पसंद के अफसरों की टीम खड़ी नहीं कर पाता। उनकी बैक के बिना मुझे यह जॉब नहीं मिलता। बिना उनकी मदद के मैं वो नहीं कर सकता था, जो मैंने अपने तरीके से किया। वैद के प्रति उनका ये एकतरफा प्रेम नहीं। वैद भी उनके साथ खड़े रहे हैं। अभी 12 नवंबर को रथ के तबादले की अफवाह पर वैद ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, सोशल मीडिया में बसंत रथ की ट्रांसफर की अफवाहें फैल रही हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि यह गलत हो। वह काम करने के लिए बेशक गैर परंपरागत तरीका अपनाते होंगे, लेकिन उनकी ईमानदारी तारीफ योग्य है।
कई का शुक्रिया
रथ ने लिखा कि उन्होंने नए आईजी को अपना पद सौंप दिया है। उनको भविष्य की शुभकामनाएं। स्वयं मेरे भाई हैं। कश्मीर में मेरे मसलों को उन्होंने अपना बनाया। कश्मीर के डिवकॉम बशीर खान का भी शुक्रिया किया। कहा कि आपका बहुत शुक्रिया, आपके कार्यालय में जल्द बैठकें करने के लिए। आपके कार्यालयों में तैनात अफसरों का भी। ताहिर गिलानी साहब, मुज्जफर साहब, रईस साहब, फारूक साहब और सज्जाद साहब के साथ काम करने का मौका मिला, मैं खुशकिस्मत हूं। निशा मैम, शाहीन मैम, जोगिंदर साहब, शक्ति साहब, मुश्ताक साहब, सन्नी, धीरज, राजपाल और राजिंदर कौर मैम आपको भी शुक्रिया।