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अनुच्छेद 370 हटने के बाद कुछ ऐसा है कश्मीर का हाल, तस्वीर देख पाक भी हो जाएगा हैरान
Sat, 10 Aug 2019 12:06 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 10 Aug 2019 12:06 AM IST
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कश्मीर में महिला सुरक्षाकर्मी से हाथ मिलाता बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उत्पन्न हालात जम्मू-कश्मीर में तेजी के साथ सामान्य हो रहे हैं। शुक्रवार को मस्जिदों में शांतिपूर्ण तरीके से जुमे की नमाज अता हुई। कश्मीर में शुक्रवार को प्रतिबंधों में ढील दी गई, लेकिन सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया ताकि किसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन से निपटा जा सके। उधमपुर व सांबा में स्कूल खुल गए। इससे पहले वीरवार को कठुआ में धारा 144 समाप्त करते हुए स्कूल खोल दिए गए थे। हालात की समीक्षा करते हुए जम्मू जिला प्रशासन ने शनिवार से धारा 144 समाप्त करने और स्कूल खोलने के आदेश दिए हैं। वहीं, कश्मीर (10 जिले), लद्दाख (दो जिले) तथा जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी व पुंछ यानी 17 जिलों का पूरी देश-दुनिया से संचार संपर्क कटा हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाकर्मी संग फोटो खिंचवाता बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर में शुक्रवार को प्रतिबंधों में ढील दी गई ताकि लोग स्थानीय मस्जिदों में जुमे की नमाज पढ़ सकें। हालांकि, संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां जारी रहीं। किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पूरी घाटी में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। श्रीनगर के सिविल लाइंस और डल झील के कुछ इलाकों में लोगों को आवाजाही की छूट देने के एक दिन बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में लोगों के एकत्र होने पर सामूहिक प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए गए ताकि शांति सुनिश्चित हो सके। लोगों को अपने घर के पास में जाने की अनुमति दी गई।
घाटी में केवल तीन चैनल का प्रसारण
घाटी में केबल टीवी नेटवर्क पर रोक लगा दी गई है। दूरदर्शन समेत केवल तीन ही चैनल देखे जा सकते हैं वह भी केबल नेटवर्क के जरिये। मोबाइल इंटरनेट भी ठप है। ऐसे में लोगों के पास मनोरंजन का कोई साधन नहीं रह गया है।
घाटी में केबल टीवी नेटवर्क पर रोक लगा दी गई है। दूरदर्शन समेत केवल तीन ही चैनल देखे जा सकते हैं वह भी केबल नेटवर्क के जरिये। मोबाइल इंटरनेट भी ठप है। ऐसे में लोगों के पास मनोरंजन का कोई साधन नहीं रह गया है।
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श्रीनगर एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
सीता राम येचुरी और डी राजा एयरपोर्ट पर रोके गए
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई प्रमुख डी राजा को शुक्रवार को श्रीनगर हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। दोनों को शहर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई। दोनों श्रीनगर में अपने नेता एमवाई तारिगामी व अन्य पार्टी सहयोगियों से मिलने गए थे। येचुरी ने बताया कि उन्होंने हमें एक कानूनी आदेश दिखाया जिसमें श्रीनगर में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं देने की बात कही गई थी। इसमें कहा गया था कि सुरक्षा कारणों से पुलिस संरक्षण में भी शहर में जाने की अनुमति नहीं है। हम अब भी उनसे बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। येचुरी और राजा ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को वीरवार को पत्र लिखकर अपनी यात्रा की सूचना दी थी और उनसे अनुरोध किया था कि उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाए। अनुरोध किया था कि हमारी यात्रा में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। वह अपने बीमार सहकर्मी और यहां मौजूद हमारे सहयोगियों से मिलना चाहता थे। बाद में सीपीएम के पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह अलोकतांत्रिक कृत्य है, जो भाजपा के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। इससे पहले वीरवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को हिरासत में ले लिया गया था।
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई प्रमुख डी राजा को शुक्रवार को श्रीनगर हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। दोनों को शहर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई। दोनों श्रीनगर में अपने नेता एमवाई तारिगामी व अन्य पार्टी सहयोगियों से मिलने गए थे। येचुरी ने बताया कि उन्होंने हमें एक कानूनी आदेश दिखाया जिसमें श्रीनगर में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं देने की बात कही गई थी। इसमें कहा गया था कि सुरक्षा कारणों से पुलिस संरक्षण में भी शहर में जाने की अनुमति नहीं है। हम अब भी उनसे बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। येचुरी और राजा ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को वीरवार को पत्र लिखकर अपनी यात्रा की सूचना दी थी और उनसे अनुरोध किया था कि उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाए। अनुरोध किया था कि हमारी यात्रा में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। वह अपने बीमार सहकर्मी और यहां मौजूद हमारे सहयोगियों से मिलना चाहता थे। बाद में सीपीएम के पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह अलोकतांत्रिक कृत्य है, जो भाजपा के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। इससे पहले वीरवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को हिरासत में ले लिया गया था।
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एनएसए ने श्रीनगर के संवेदनशील इलाकों का किया दौरा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने शुक्रवार को श्रीनगर के संवदेनशील इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों एवं सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की। वे अपने सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ईदगाह इलाके में गए और विभिन्न स्थानों पर लोगों से बातचीत की। बाद में उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों से बात कर उन्हें कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बेहतर काम करने के लिए बधाई दी। उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रतिबंधों के चलते आम जनता को कोई परेशानी न हो। उन्होंने राजभवन में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर जमीनी स्तर पर हालात तथा कानून व्यवस्था के बारे में बात की। उन्होंने आम लोगों तक पहुंचने, उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। राज्यपाल ने ईद के लिए की गई तैयारियों के बारे में भी बताया। इससे पहले उन्होंने बुधवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां में स्थानीय लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों से भी संवाद किया था ताकि उनका मनोबल ऊंचा रहे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने शुक्रवार को श्रीनगर के संवदेनशील इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों एवं सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की। वे अपने सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ईदगाह इलाके में गए और विभिन्न स्थानों पर लोगों से बातचीत की। बाद में उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों से बात कर उन्हें कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बेहतर काम करने के लिए बधाई दी। उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रतिबंधों के चलते आम जनता को कोई परेशानी न हो। उन्होंने राजभवन में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर जमीनी स्तर पर हालात तथा कानून व्यवस्था के बारे में बात की। उन्होंने आम लोगों तक पहुंचने, उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। राज्यपाल ने ईद के लिए की गई तैयारियों के बारे में भी बताया। इससे पहले उन्होंने बुधवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां में स्थानीय लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों से भी संवाद किया था ताकि उनका मनोबल ऊंचा रहे।