कश्मीर में सबसे अधिक संवेदनशील स्थानों में शामिल श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके की सड़कों पर इन दिनों न तो पत्थरबाज दिख रहे हैं और न ही अलगाववाद समर्थक। यह पूरा इलाका पत्थरबाजी के लिए कुख्यात माना जाता रहा है। यहां पुरुष से लेकर महिलाएं भी सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी में शामिल रहती थीं, लेकिन राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के बाद से इस इलाके में न तो पथराव की कोई बड़ी घटना हुई और न ही हिंसा की। बकरीद पर भी यहां पत्थर नहीं चले। सड़कों पर आवागमन सुचारू है। बिना किसी डर भय के लोग आ जा रहे हैं। जगह-जगह आधी सड़क पर कंटीले तार एहतियातन लगा रखे गए हैं जो माहौल की गंभीरता की कहानी बयां कर रहे हैं।
कश्मीरः डाउनटाउन जहां पुरुष से लेकर महिलाएं सुरक्षा बलों पर करती थीं पत्थरबाजी...आज कुछ ऐसा है माहौल
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डाउनटाउन के खयाम रोड पर लोगों का आना जाना सुचारू है। महिलाएं, बच्चे, बड़े-बूढ़े सभी बिना किसी खौफ के आ जा रहे हैं। जगह-जगह सुरक्षा बल के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं। नौपोरा, नौहट्टा, राजौरीकदल, जामिया मस्जिद, गोजवारा, बोरीकदल आदि इलाकों में सब कुछ सामान्य दिखा। इन इलाकों में दुकानें जरूर बंद हैं, लेकिन रेहड़ी पर फल और सब्जियां बिक रही हैं।
गलियों में युवा और बच्चे क्रिकेट खेलते हुए तो कुछ लोग कैरम भी खेलते दिखे। एहतियातन महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। खानयार चौक पर सुरक्षा बलों की ज्यादा मौजूदगी दिखी। यहां चौराहे पर कबूतरों ने कब्जा जमा रखा है। कुछ लोग इन्हें दाना देते हुए भी दिखे।
इलाके में कुछ दुकान भी आधा शटर गिराकर खुली दिखीं, जहां लोग जरूरत के सामान खरीद रहे थे। लोग बंद पड़ी दुकानों के बाहर सीढ़ियों पर बैठे आपस में चर्चा करने में मशगूल दिखे जो उधर से गुजरने वाले वाहनों को बड़े गौर से देखते थे।
सुरक्षा बलों के वाहन इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि पूरी घाटी में स्थिति सामान्य है। पथराव की छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन उनके साथ सख्ती से निपट लिया गया। डाउनटाउन का इलाका भी आम तौर पर शांत ही रहा है।