सरकारी विभागों की लापरवाही अक्सर लोगों की मौत का कारण बनती है। ऐसा ही कुछ जयपुर के विद्याद्यनगर में आज सुबह हुए अग्निकांड में सामने आया है। यहां सुबह करीब चार बजे संजीव गर्ग नाम के शख्स के मकान में आग लग गई थी। जिसमें उसका पूरा परिवार जिंदा जल गया। लेकिन स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के बहुत देर तक फोन करने के बाद दमकलकर्मी आधे-अधूरे उपकरणों के साथ हादसा स्थल पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार यदि समय रहते दमकलकर्मी अपना काम करते तो मृतकों की जान बचाई जा सकती थी।
दमकल की सीढ़ी तक नहीं खुली
लोहे के व्यापारी संजीव गर्ग के मकान में जब तड़के आग लगी तो मकान में मौजूद सदस्य छत्त की ओर भागे। इसके बाद मकान में एक सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। जिसने हादसे को भयावह रूप दे दिया। चश्मदीदों के अनुसार कई सदस्य छत्त से मदद के लिए गुहार करते रहे। लेकिन आग अधिक होने के कारण और दमकलकर्मियों के पास उचित उपकरण नहीं होने के कारण उनकी मदद नहीं की जा सकी। छत तक जाने के लिए दमकल की सीढ़ी तक नहीं खुली।
स्थानीय लोगों ने दिया परिवाद
विद्याद्यनगर में हुए दर्दनाक हादसे से लोगों में काफी गुस्सा है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के चीफ फायर आॅफिसर व रात्रि ड्यूटी पर मौजूद दमकलकर्मियों के विरुद्ध थाने में परिवाद दिया। लोगों का कहना है कि यदि दमकलकर्मी सही प्रकार काम करते तो दो—तीन लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती थी। लोगों का कहना है कि करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक मकान में मौजूद पांच लोगों की मौत हो चुकी थी।
जनप्रतिनिधियों ने दिया आश्वासन
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। वहीं जयपुर सांसद रामचरण बोहरा व क्षेत्रीय विधायक नरपत सिंह राजवी भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को आवश्वासन दिया। वहीं जयपुर सांसद ने मौजूद लोगों को आश्वासन दिया है कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने बुलाई बैठक
हादसे के बाद दमकलकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है। चारों और से दबाव बढ़ने के बाद जयपुर नगर निगम के आयुक्त रवि जैन ने आपात बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि विद्याद्यर नगर के जिस मकान में आग लगी वहां से फायर ब्रिगेड स्टेशन कुछ मिनट की दूरी पर है। लेकिन फिर भी दमकलकर्मियों को हादसा स्थल तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लगा दिया।