पूरे देशभर में पिछले एक माह से राजस्थान सुर्खियों में छाया हुआ है। यहां एक के बाद एक चौंका देने वाली घटनाएं हुई हैं। राजसमंद लाइव मर्डर मामले में पिछले दो दिनों से उदयपुर और राजसमंद में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और धारा 144 लागू है। यहां आरोपी शंभूलाल के समर्थन में हिंदू संगठनों ने रैली निकालने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। ऐसे में प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव हो गया और बचाव में पुलिस को भी पथराव करना पड़ा। मामले में कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई। जिनमें उपदेश राणा को भी उदयपुर जाने से पहले गिरफ्तार किया गया।
लव जिहाद के नाम पर लाइव मर्डर
2 of 5
आरोपी शंभूलाल रैगर
- फोटो : अमर उजाला
उदयपुर संभाग के राजसमंद में इसी माह की शुरुआत में लव जिहाद के नाम पर लाइव मर्डर करने का वीडियो वायरल हुआ। इस पर सतर्क हुई पुलिस ने आरोपी शंभूलाल रैगर को गिरफ्तार किया और मृतक की शिनाख्त पश्चिम बंगाल निवासी अफराजुल के रूप में की। घटना के बाद देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुआ। पश्चिम बंगाल और राजस्थान सरकार ने मृतक के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
नाहरगढ़ किले पर लटका मिला चेतन
राजधानी जयपुर में नाहरगढ़ किले की प्राचीर पर चेतन सैनी का शव लटका मिला। यहां मौका स्थल पर कई पत्थरों पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले शब्द भी लिखे मिले। जिनमें फिल्म 'पद्मावती' को भी मुद्दा बनाया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए मामला दर्ज कराया।
फिल्म 'पद्मावती' को लेकर मचा बवाल
4 of 5
चित्तौड़ किले के प्रवेश द्वार पर जारी धरना
- फोटो : Amar Ujala
सबसे अंत में बात करते हैं यहां फिल्म 'पद्मावती' को लेकर हुए विरोध की। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में जब इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ तो राजस्थान में विरोध शुरू हो गया। पूर्व राजघरानों से लेकर राजपूत समाज ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कोटा में सिनेमाघर में जमकर तोड़फोड़ की गई। भारी विरोध को देखते हुए फिल्म की रिलीज डेट 1 दिसम्बर को टाल दिया गया।
डॉक्टरों ने फिर किया कार्य बहिष्कार
5 of 5
जयपुर के कांवटिया अस्पताल के बाहर दर्द से करहाती एक महिला
- फोटो : amar ujala
राजस्थान में हाल ही चिकित्सकों की हड़ताल ने मरीजों को काफी परेशान किया। सेवारत चिकित्सक संघ ने अपनी 33 सूत्री मांगों को लेकर सरकारी अस्पतालों में कार्य बहिष्कार कर दिया है। जिसके चलते मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। सरकार ने डॉक्टर्स के घरों पर दबिश देकर कई जगह गिरफ्तारियां भी कीं।सरकार ने भी रेस्मा की अवधि को आगामी तीन महीनों के लिए बढ़ा दिया है।