'पद्मावत' फिल्म के आज रिलीज होते ही देश भर में विरोध प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया है। करणी सेना व राजपूत संगठन देश के आठ राज्यों में हिंसक प्रदर्शन पर उतारू हैं। राजस्थान में हिंसक प्रदर्शन सबसे अधिक देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के छह जिले जहां पूर्ण रूप से बंद है, वहीं करणी सेना व अन्य राजपूत संगठनों के सदस्यों ने दिल्ली-अहमदाबाद हाईवे को कई जगह जाम कर दिया है। इस कारण कई किलोमीटर में वाहन फंस गए हैं। राजस्थान के कई शहरों में करणी सेना व राजपूत संगठनों के प्रदर्शन के बीच जमकर तोड़फोड़ की गई है।
यहां से संभलकर निकलिए
यहां जो हाईवे राजस्थान में प्रभावित हैं, उनमें प्रमुख रूप से अहमदाबाद-उदयपुर, उदयपुर-जयपुर, जयपुर-कोटा, भीलवाड़ा-उदयपुर सम्मलित हैं। जयपुर-उदयपुर और उदयपुर-अहमदाबाद के बीच हो रहे प्रदर्शन के कारण दिल्ली से अहमदाबाद कट गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस इन हाईवे को खुलवाने का प्रयास कर रही है। लेकिन जाम लंबा होने के कारण लोगों को व पुलिस को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त कोटा के नजदीक करणी सेना के सदस्यों ने हाईवे पर आगजनी भी की है।
शहरों में तोड़फोड़ भी
करणी सेना का गुस्सा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। झीलों की नगरी उदयपुर में करणी सेना का कहर शहर में बरपा है। यहां के कई बाजारों में जमकर तोड़फोड़ की गई। इसके अतिरिक्त शहर के सेवाश्रम क्षेत्र में आॅयल से भरे ड्रम सड़क पर फैला दिए गए है। जिसके कारण लोगों दुर्घटना का शिकार हो रहे हे। वहीं जैसलमेर, जयपुर, बांसवाड़ा, नागौर सहित कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन का सिलसिला जारी है।
जयपुर में भी प्रदर्शन
पद्मावत बैन की मांग की कर रही करणी सेना के उग्र रुप से जयपुर भी अछूता नहीं रहा है। यहां के भी कई क्षेत्रों में बाजारों का जबरन बंद कराने का प्रयास किया गया। इससे पूर्व करणी सेना की ओर से रैली भी निकाली गई। इस दौरान कुछ उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। वहीं दूसरी और करणी सेना के नेताओं ने शांति बनाए रखने की भी अपील की है।
पुलिस का प्रभाव नाकाफी
जगह-जगह जाम और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे है। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से राजस्थान सहित कई राज्यों में करणी सेना उग्र प्रदर्शन कर रही है। लेकिन हिंसक प्रदर्शनों के बाद भी किसी भी करणी सेना के नेता को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। हालांकि पुलिस की और से इन नेताओं को पाबंद करने की बात कही गई थी।