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Sawan 2022: मालेश्वर महादेव का चमत्कारी धाम, जहां सूर्य की गति के हिसाब से दिशा बदलता है शिवलिंग

Mon, 01 Aug 2022 03:10 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Mon, 01 Aug 2022 03:10 PM IST
सार

Sawan 2022: मालेश्वर महादेव का चमत्कारी धाम, जहां सूर्य की गति के हिसाब से दिशा बदलता है शिवलिंग

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Jaipur Maleshwar Mahadev Temple where shivling changes direction
मालेश्वर महादेव मंदिर सामोद - फोटो : Social Media

सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है। इस महीने के सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवालय पहुंचते हैं। ऐसे तो देश में कई शिव मंदिर हैं लेकिन हम आपको आज एक अनोखे और ऐतिहासिक शिव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हर छह महीने में सूर्य के हिसाब से अपनी दिशा बदलता है।

Jaipur Maleshwar Mahadev Temple where shivling changes direction
मालेश्वर महादेव मंदिर सामोद - फोटो : Social Media

मंदिर में मौजूद है 1101 ईसवीं के शिलालेख
राजधानी जयपुर के पास अरावली पर्वत श्रृंखला के बीच सामोद स्थित महार कलां गांव में मालेश्वर महादेव मंदिर है। यह मंदिर सैंकड़ों साल पुराना है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग सूर्य के उत्तरायण या दक्षिणायन होने के अनुरूप शिवलिंग  उत्तरायण और दक्षिणायन की तरफ झुक जाता है। मंदिर के मंडप के स्तंभों पर अंकित 1101 ईसवीं के शिलालेख हैं। इस मंदिर में स्वयंभूलिंग विराजमान है। 

Jaipur Maleshwar Mahadev Temple where shivling changes direction
बारिश में मंदिर के पास बहने लगते हैं झरने - फोटो : Social Media

प्रकृति की गोद में बसा है मालेश्वर महादेव मंदिर
प्रकृति की गोद में बसा यह मनोरम स्थान जयपुर से लगभग चालीस किलोमीटर दूर है। मंदिर के चारों तरफ प्रकृति मेहरबान है। बारिश में बहते प्राकृतिक झरने, पानी के कुंड, आसपास प्राचीन खंडहर इस स्थान को और भी दर्शनीय बनाते हैं। ऐसे तो यहां हर दिन श्रद्दालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन सावन मास में बड़ी संख्या में कांवड़िये शिव का अभिषेक करने पहुंचते हैं। 


 
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Jaipur Maleshwar Mahadev Temple where shivling changes direction
मालेश्वर महादेव मंदिर सामोद - फोटो : Social Media
ऐसे पड़ा मालेश्वर महादेव नाम
कहा जाता है कि वर्तमान में महारकलां गांव पौराणिक काल में महाबली राजा सहस्रबाहु की माहिष्मति नगरी का हिस्सा हुआ करता था। यही वजह है कि इस मंदिर का नाम मालेश्वर महादेव मंदिर पड़ा। 


मुगलों ने तोड़ दिया था मंदिर

मंदिर के महंत के अनुसार मुगलों ने इस मंदिर को तोड़ दिया था। उस जमाने में तोड़ी गई शेष-शैया पर लक्ष्मी जी के साथ विराजमान भगवान विष्णु की खण्डित मूर्ति आज भी यहां मौजूद है। मुगलों के मंदिर तोड़ने के बाद कई साल बाद मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। इस पर गुंबद और शिखर का निर्माण करवाया गया। 


 
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Jaipur Maleshwar Mahadev Temple where shivling changes direction
मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमा - फोटो : Social Media

कई फिल्मों की हो चुकी है यहां शूटिंग

सामोद और महारकलां गांव की प्राकृतिक सुंदरता के चलते यह स्थान पर्यटन स्थल के रूप में काफी प्रसिद्ध है। इस गांव में कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। जिनमें ‘दाता’,’बीस साल बाद’, ‘बंटवारा , ‘करण अर्जुन ’, ‘कोयला’, ‘लोहा’ ,’युगांधर’, ‘सोल्जर’ ,’इतिहास’, ‘मेहंदी’, ‘मैदाने ए जंग’ जैसी फिल्में शामिल हैं। मंदिार के आसपास झरने होने के कारण लोग पिकनिक मनाने भी पहुंचते हैं।

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