जयपुर की होली अपने आप में अनोखी होती है। यहां की होली में परम्पराओं का निर्वाह सतत रूप से किया जाता रहा है। पूर्व राजपरिवार के सिटी पैलेस में सबसे पहले होलिका दहन होता है। फिर वहां से लेकर होली की आंच पुराने जयपुर शहर में फैलती है। इसके अलावा भी कई परम्पराएं होती हैं, जो पर्यटकों को लुभाती हैं।
पूर्व राजपरिवार के सदस्य भी होते हैं शामिल
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सिटी पैलेस में होली खेलती पूर्व राजघराने की सदस्य विधायक दीया कुमार
- फोटो : अमर उजाला
इस त्यौहार पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य भी लोगों के साथ रंग गुलाल से होली खेलते हैं। वे जहां रंगारंग प्रस्तुतियों को देखते हैं, सराहते हैं, वहीं पर्यटकों के साथ ही होली भी खेलते हैं।
रंगारंग प्रस्तुतियों की होती है भरमार
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सिटी पैलेस में प्रस्तुति देते कलाकार
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इस होली के उत्सव के दौरान कई रंगारंग प्रस्तुतियां भी होती हैं। इनमें कलाकार चंग हाथ में थामें राजस्थानी संस्कृति से भरपूर अपनी प्रस्तुति देते हैं। इनकी प्रस्तुतियों पर कलाकारों के साथ ही देखने वाले भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाते हैं।
पर्यटक भी होते हैं रंग से सराबोर
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होली के रंगों से सराबोर होते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
इन सभी प्रस्तुतियों के बाद पर्यटक रंग और गुलाल से एक दूसरे को सराबोर करते हैं। इस दौरान उनकी आवभगत भी की जाती है। उनके खाने पीने के इंतजाम भी यहां किए जाते हैं।
हर उम्र, तबके के लोग होते हैं शामिल
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होली के रंग में रंगे बच्चे भी
- फोटो : अमर उजाला
इस त्यौहार पर पूर्व राजपरिवार के लोगों के साथ ही आम लोग भी शामिल होते हैं। इनमें हर उम्र हर तबके के लोग शामिल होते हैं। वे एक दूसरे गुलाल लगाकर होली के त्यौहार की बधाई देते हैं।